बड़ी खबर: PFI गैर कानूनी संगठन घोषित, सरकार ने 5 साल के लिए पाबंदी लगाई

नई दिल्ली। भारत सरकार ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया (पीएफआई) को गैर कानूनी घोषित करते हुए इस पर 5 साल के लिए पाबंदी लगा दी है। सरकार के इस एलान के बाद पीएफआई से जुड़े लोगों पर कार्रवाही की संभावनाएं बढ़ गई हैं।

इससे पहले देश के कई राज्यों में पिछले दिनों पीएफआई के ठिकानो पर एनआईए और ईडी द्वारा छापेमारी की गई थी। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, असम सहित कई राज्यों में यह कार्रवाही कल भी जारी रही और बड़ी तादाद में पीएफआई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया।

पीएफआई पर बैन के फैसले का स्वागत करते हुए असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि “मैं भारत सरकार द्वारा PFI पर प्रतिबंध लगाने के फैसले का स्वागत करता हूं। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ है कि भारत के खिलाफ विभाजनकारी या विघटनकारी डिजाइन से सख्ती से निपटा जाएगा।

PFI बैन पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा कि “इस संगठन पर प्रतिबंध लगाने का समय आ गया था। भारत सरकार ने सही फैसला लिया है। यह सभी राष्ट्र विरोधी समूहों के लिए एक संदेश है। मैं लोगों से ऐसे संगठनों से नहीं जुड़ने का आग्रह करता हूं।”

ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शाहबुद्दीन रज़वी ने बरेली में कहा कि सरकार ने कट्टरपंथी संगठन PFI पर प्रतिबंध लगाकर अच्छा कदम उठाया है।भारत की सरज़मीं कट्टरपंथी विचारधारा की सरज़मीं नहीं है और न यहां ऐसी कट्टरपंथी विचारधारा पनप सकती जिससे मुल्क़ की एकता-अखंडता को खतरा हो।

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न्यूज़ एजेंसी एएनआई के मुताबिक, केंद्र सरकार द्वारा आज 5 साल के लिए PFI को बैन और उसके सहयोगियों को गैरकानूनी घोषित करने के बाद शाहीन बाग इलाके में PFI कार्यालय के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

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