जो भारत का है उसकी सुरक्षा, प्रतिष्ठा भारत के साथ जुडी है: मोहन भागवत

नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस ) प्रमुख मोहन भागवत ने एक बार फिर देश के विभाजन से पैदा हुई स्थितियों का हवाला देते हुए बड़ा बयान दिया है।

वीर सावरकर पर पुस्तक के विमोचन कार्यक्रम में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि जो भारत का है, उसकी सुरक्षा, प्रतिष्ठा भारत के ही साथ जुड़ी है। विभाजन के बाद भारत से स्थलांतर करके पाकिस्तान में गए मुसलमानों की प्रतिष्ठा पाकिस्तान में भी नहीं है। जो भारत का है, वो भारत का ही है।

मोहन भागवत ने कहा कि इतने वर्षों के बाद अब हम जब परिस्थिति को देखते हैं तो ध्यान में आता है कि जोर से बोलने की आवश्यकता तब थी, सब बोलते तो शायद विभाजन नहीं होता।

उन्होंने कहा कि सावरकर जी का हिन्दुत्व, विवेकानंद का हिन्दुत्व ऐसा बोलने का फैशन हो गया, हिन्दुत्व एक ही है, वो पहले से है और आखिर तक वो ही रहेगा। सावरकर जी ने परिस्थिति को देखकर इसका उद्घोष जोर से करना जरूरी समझा।

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