व्हाट्सएप से जासूसी: लोकसभा चुनाव में हुआ था इस्तेमाल, राहुल गांधी ने सरकार को घेरा

व्हाट्सएप से जासूसी: लोकसभा चुनाव में हुआ था इस्तेमाल, राहुल गांधी ने सरकार को घेरा

नई दिल्ली। व्हाट्सएप से जासूसी को लेकर इजरायली कंपनी के खुलासे के बाद अब इस मामले की परतें खुलना शुरू हो गयीं हैं। अब खुलासा हुआ है कि व्हाट्सएप के ज़रिये लोकसभा चुनाव के दौरान पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की जासूसी हुई थी।

इस मामले का खुलासा उस समय हुआ जब अमेरिका में एक केस की सुनवाई के दौरान वॉट्सऐप ने आरोप लगाया कि इजरायली एनएसओ समूह ने पेगासस स्पाईवेयर का इस्तेमाल करके करीब 1,400 वॉट्सऐप यूजर्स की जासूसी की। इनमें कई भारतीय पत्रकारों, वकीलों शिक्षाविदों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं पर नज़र रखी गयी।

खुलासा हुआ है कि लोकसभा चुनाव के समय इजरायल की एक एजेंसी एनएसओ द्वारा विकसित विवादास्पद स्पाईवेयर पेगासस के इस्तेमाल के जरिये कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और पत्रकारों के व्हाट्सएप की जासूसी हुई।

इस मामले के तूल पकड़ने के बाद आईटी मंत्रालय ने इस मामले को लेकर व्हाट्सएप से 4 नवंबर तक एक विस्तृत जानकारी की मांग की है। वहीँ कांग्रेस ने सरकार पर लोगों की निजिता भंग करने और जासूसी करने का आरोप लगाया है।

जहाँ इस मामले को उठाते हुए कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार की नीयत पर सवाल उठाये वहीँ पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी सरकार पर निशाना साधा है।

उन्होंने कहा कि भारतीय लोगों की जासूसी पर वॉट्सऐप से जवाब तलब करना ठीक वैसा ही है, जैसे पीएम मोदी का दसॉल्ट से पूछना कि भारत से राफेल जेट की डील में किसने पैसे कमाए।

व्हाट्सएप से जासूसी मामला परत दर परत खुलने के बाद माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है। कांग्रेस ने इस मामले में सुप्रीमकोर्ट से स्वतः संज्ञान लेने की गुहार भी लगाई है।

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TeamDigital