पंचायत चुनाव में ड्यूटी करने वाले 135 शिक्षकों की मौत, हाईकोर्ट ने यूपी सरकार को फटकारा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पंचायत चुनाव में ड्यूटी करने वाले 135 शिक्षकों की कोरोना से मौत के मामले में आज इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए पूछा कि 135 शिक्षकों की मौत का ज़िम्मेदार कौन है?

इतना ही नहीं हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को भी कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि पंचायत चुनाव के दौरान कोविड गाइडलाइन लागू नहीं करवाने पर आपके और आपके अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जाए?

उत्तर प्रदेश सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कड़ा रुख दिखाते हुए कहा कि 2020 के आखिर में जब वायरस कमजोर हुआ था, तब सरकार पंचायत चुनाव कराने में व्यस्त हो गई थी।

कोर्ट ने योगी सरकार पर गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर उसने लगातार संक्रमण रोकने के लिए काम किया होता, तो आज सरकार दूसरी लहर का सामना करने के लिए तैयार रहती। अगर हम अब भी लोगों की स्वास्थ्य परेशानियों को नजरअंदाज करेंगे और उन्हें मरने के लिए छोड़ देंगे, तो आने वाली पीढ़ी हमें कभी माफ नहीं करेगी।

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यूपी चुनाव आयोग को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए कहा कि वो अगली तारीख को बताए कि पंचायत चुनाव के दौरान वो कोविड प्रोटोकॉल्स लागू करवाने में नाकाम क्यो रहा? और उसके 27 अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा क्यों ना चलाया जाए? कोर्ट ने ये भी कहा कि सरकार को अब संक्रमण रोकने के लिए कदम उठाने पड़ेंगे।

कोर्ट ने कहा कि शिक्षकों की मौत के बाद जिस तरह से खौफ का माहौल बन गया है, उससे गुरुवार को होने वाले पंचायत चुनाव को लेकर काफी चुनौतियां चुनाव आयोग के सामने खड़ी हो गई है।

वहीँ पंचायत चुनाव में ड्यूटी करने वाले 135 शिक्षकों की मौत को लेकर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पंचायत चुनाव तत्काल स्थगित कर ड्यूटी के दौरान संक्रमित हुए लोगों का निशुल्क इलाज व मृतकों के परिजनों को 50 लाख की सहायता व अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग की है।

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