सरकारी पैसे से पतंजलि को फायदा पहुंचाने का प्रयास, हरियाणा ने खरीदी 1 लाख कोरोनिल किट

  • विवाद के बीच हरियाणा सरकार ने पतंजलि से खरीदीं एक लाख कोरोनिल किट

नई दिल्ली। कोरोना महामारी के बीच एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति पर बयान देकर घिरे स्वयंभू योग गुरु रामदेव की पतंजलि द्वारा बनाई गई एक लाख कोरोनिल किट ख़रीदे जाने को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है।

बाबा रामदेव की पतंजलि की विवादित कोरोनिल किट ख़रीदे जाने को लेकर हरियाणा सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई है। हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने बाबा रामदेव की एक लाख कोरोनिल किट खरीदने की बात कही है।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने हरियाणा सरकार द्वारा पतंजलि की एक लाख कोरोनिल किट खरीदे जाने को लेकर सवाल खड़े किये हैं। आईएमए ने इस पर कड़ा एतराज़ जताते हुए कोरोनिल को जानलेवा बताया है और इस पर बेवजह पैसा बरबाद करने का आरोप लगाकर इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है।

गौरतलब है कि कोरोना महामारी की पहली लहर के दौरान रामदेव की पतंजलि द्वारा लांच की गई कोरोनिल शुरू से ही विवादों के घेरे में हैं। अब हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने बाबा रामदेव की कोरोनिल दवा की एक लाख किट खरीदार कोरोना मरीजों को फ्री बंटवाने को लेकर ट्वीट किया है।

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इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की स्टेट प्रेजिडेंट डा वंदना पूनिया ने हरियाणा सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि कोरोनिल कहीं से भी अप्रूव्ड दवा नहीं है। ऐसे में इसकी एक लाख किट खरीद पर आधा पैसा ख़र्च करना भी बर्बादी है।

उन्होंने कहा कि IMA ने RTI लगाई थी जिसमें बाबा रामदेव द्वारा कोरोनिल को WHO से मान्यता का दावा भी फर्जी निकला है। उन्होंने कहा कि कोरोनिल की खरीद पर पैसे की बर्बादी के साथ कोरोना मरीज़ों की जान से भी खिलवाड़ होगा।

गौरतलब है कि बाबा रामदेव ने एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति को लेकर सवाल उठाये थे। बाबा रामदेव के बयान के खिलाफ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने एफआईआर भी दर्ज कराई है।

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