किसानो का बड़ा फैसला: बीजेपी-जेजेपी समर्थको के परिवारों में नहीं करेंगे बेटी-बेटे की शादी

नई दिल्ली। हरियाणा के कई गांव में सत्तारूढ़ बीजेपी-जेजेपी के नेताओं के घुसने पर पाबंदी लगाए जाने के बाद अब किसानो ने एक और बड़ा फैसला लिया है। कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानो ने फैसला लिया है कि वे भारतीय जनता पार्टी और जेजेपी का समर्थन करने वाले परिवारों में अपने बेटे बेटियों की शादी नहीं करेंगे।

हरियाणा के जींद जिले के खटकड़ टोल प्लाजा पर आयोजित किसान पंचायत में शामिल हुए किसानो ने बड़ा फैसला लेते हुए एलान किया कि जब तक तीन कृषि कानून रद्द नहीं किये जाते तब तक किसी भी गांव में भाजपा व जजपा के नेता को नहीं घुसने दिया जाएगा। जहां भी जजपा या भाजपा के नेता आएंगे, उनका विरोध किया जाएगा।

पंचायत में खेड़ा खाप के प्रधान एवं संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य सतबीर पहलवान ने खटकड़ टोल प्लाजा पर लोगों को संबोधित करते हुए लिया और लोगों को इसके बारे में अवगत कराया। इसके बाद उन्होंने सभी लोगों की सहमति पूछी। सभी ने इसके लिए हाथ उठाकर समर्थन किया।

कल काला दिवस मनाएंगे किसान:

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वहीँ कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन के 6 महीने पूरे होने पर संयुक्त किसान मोर्चा ने 26 मई को काला दिवस मनाने का एलान किया है। भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि 26 मई को किसान सरकार का पुतला दहन करेंगे तथा घरो और ट्रेक्टरो पर काले झंडे लगाएंगे। उन्होंने कहा कि ये सुबह 9-10 बजे से शुरू होगा।

उन्होंने कहा कि हम सिर्फ काले झंडे लगाएंगे। कोई भीड़-भाड़ या जनसभा नहीं होगी। कोई दिल्ली नहीं जा रहा है। लोग जहां भी होंगे वहीं झंडे लगाएंगे। अब 6 महीने हो गए हैं, सरकार ने काला कानून वापस नहीं लिया है। इसीलिए किसानों द्वारा ब्लैक डे मनाया जा रहा है।

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