मिस यूनिवर्स-2021 का ख़िताब जीतने वाली हरनाज संधू के घर जश्न का माहौल

चंडीगढ़। मिस यूनिवर्स-2021 का खिताब अपने नाम करने वाली हरनाज संधू के पंजाब के खरार स्थित घर में सोमवार को जश्न का माहौल है। उनकी मां रविंदर कौर ने याद किया कि खिताब जीतने से पहले रविवार को हरनाज ने उनसे कहा था कि ‘आप मुझपर गर्व करेंगी।’

हरनाज ने सोमवार को इतिहास रचते हुए 79 देशों की प्रतिभागियों को पछाड़कर मिस यूनिवर्स 2021 का खिताब अपने नाम किया। भारत को 21 साल के बाद यह खिताब मिला है।

इजरायल में हुए कार्यक्रम में हरनाज को मिस यूनिवर्स 2021 चुने जाते ही उसके पिता प्रीतम सिंह संधू, मां डॉक्टर रविंदर कौर संधू और भाई हरनूर सिंह खुशी से झूम उठे।

हरनाज संधू से पहले सिर्फ दो भारतीय मिस यूनिवर्स का खिताब अपने नाम कर पाई हैं। अभिनेत्री सुष्मिता सेन ने 1994 में जबकि अभिनेत्री लारा दत्ता ने 2000 में यह खिताब जीता था।

इस 70वीं सौंदर्य प्रतियोगिता का आयोजन इजराइल के ईलात में किया गया, जिसमें 21 वर्षीय संधू को सफलता मिली। हरनाज संधू की मां रविंदर कौर संधू ने कहा कि उन्होंने रविवार शाम को उससे बात कर उसे शुभकामनाएं दी थीं।

ये भी पढ़ें:  अंकिता भंडारी हत्याकांड : अंकिता के परिजनों ने अंतिम संस्कार से किया इनकार, कहा?

पेशे से स्त्री रोग विशेषज्ञ कौर ने कहा कि उन्होंने अपनी बेटी को ध्यान केंद्रित करने और सब कुछ ईश्वर पर छोड़ने की सलाह दी थी। कौर ने पत्रकारों को बताया कि हरनाज ने बातचीत के दौरान उनसे कहा था कि ‘आप मुझपर गर्व करेंगी।’

कौर ने कहा कि हरनाज ने परिवार से उनके लिए प्रार्थना करने के लिए भी कहा था। जिस समय कार्यक्रम चल रहा था तब कौर एक गुरुद्वारे में उनके लिए प्रार्थना कर रही थीं। इस कार्यक्रम को देखने वाले हरनाज संधू के भाई हरनूर सिंह ने अपनी मां को खिताब जीतने की जानकारी दी। कौर ने मोहाली के खरार में अपने आवास पर कहा, ‘हमें पूरा विश्वास था कि वह देश का नाम रोशन करेगी।’

हरनाज की जीत से गदगद उनके पिता प्रीतम सिंह संधू की आंखों से खुशी के आंसू छलक आए। उन्होंने कहा कि उन्हें उसकी उपलब्धि पर गर्व है। प्रीतम ने कहा कि उन्होंने उसका पूरा समर्थन किया। उन्होंने आगे कहा कि वह हमेशा कहती थी कि वह जीतकर वापस आएगी।

इस बीच, चंडीगढ़ में पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट कॉलेज फॉर गर्ल्स सेक्टर-42 की प्रिंसिपल डॉ निशा अग्रवाल ने कहा कि हरनाज संधू एक मेधावी छात्रा रही है।उन्होंने कहा, ‘यह हमारे लिए बेहद खुशी की बात है। हरनाज संधू ने बीए (आईटी) की पढ़ाई की है और अब वह लोक प्रशासन में एमए कर रही है।’

अपनी राय कमेंट बॉक्स में दें
सत्य को ज़िंदा रखने की इस मुहिम में आपका सहयोग बेहद ज़रूरी है। आपसे मिली सहयोग राशि हमारे लिए संजीवनी का कार्य करेगी और हमे इस मार्ग पर निरंतर चलने के लिए प्रेरित करेगी। याद रखिये ! सत्य विचलित हो सकता है पराजित नहीं।
ताज़ा हिंदी समाचार और उनसे जुड़े अपडेट हासिल करने के लिए फ्री मोबाइल एप डाउनलोड करें अथवा हमें फेसबुक, ट्विटर या गूगल पर फॉलो करें