कांग्रेस नेता ने सुप्रीमकोर्ट से लगाई गुहार, कोरोना को लेकर कोर्ट करे हस्तक्षेप

नई दिल्ली। देश में कोरोना की स्थिति को खतरनाक बताते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व कानून मंत्री अश्वनी कुमार ने देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीमकोर्ट से स्वतः संज्ञान लेते हुए इस मामले में हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है।

भारत के प्रधान न्यायाधीश (CJI) को लिखे पत्र में अश्वनी कुमार ने कहा कि मानव जीवन पर खतरे की गंभीरता को देखते हुए इस अदालत की संवैधानिक जिम्मेदारी है कि वह नागरिकों की जिंदगी की रक्षा और सुरक्षा करे।

उन्होंने पत्र में कहा कि देश की सर्वोच्च अदालत स्वत: संज्ञान लेकर केंद्र और राज्यों को राजनीतिक रैलियों, विरोध प्रदर्शनों, धार्मिक और अन्य उत्सवों में 50 से अधिक लोगों के समागम पर स्थिति नियंत्रित होने तक प्रतिबंध लगाने का निर्देश जारी कर सकती है।

पूर्व कानून मंत्री ने कहा कि अदालत स्वत: संज्ञान लेकर सभी आयु वर्गों के लोगों को जहां तक संभव हो टीका देने का निर्देश दे सकती है लेकिन, खासतौर पर बुजुर्गों और कमजोर लोगों को टीका दिए जाने के लिए निर्देशित करने की आवश्यकता है।

अश्वनी कुमार ने अपने पत्र में विधानसभा चुनाव में हो रही चुनावी रैलियों के अलावा हरिद्वार में आयोजित कुंभ मेले में जुटी भीड़ का हवाला भी दिया है। उन्होंने पत्र में कहा कि सुप्रीम कोर्ट को देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों की वजह से मानव जीवन पर उत्पन्न असमान्य खतरे पर न्यायिक संज्ञान लेना चाहिए।

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अश्वनी कुमार ने कहा कि मानव जीवन पर खतरे की गंभीरता को देखते हुए इस अदालत की संवैधानिक जिम्मेदारी है कि वह नागरिकों की जिंदगी की रक्षा और सुरक्षा करे।

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