पहले चरण के लिए चुनाव प्रचार थमा, पढ़िए-कहां कौन है मजबूत

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए मंगलवार को प्रचार का काम समाप्त हो गया है। पहले चरण में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 58 सीटों पर 10 फरवरी को मतदान होगा। पहले चरण में जिन जिलों की विधानसभाओं में मतदान होगा उनमे शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बागपत, गाजियाबादा, नोएडा यानी गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, मथुरा, अलीगढ़, आगरा और हापुड़ शामिल है।

पहले चरण के चुनाव में कांग्रेस, बीजेपी, समाजवादी पार्टी-रालोद, बहुजन समाज पार्टी, आज़ाद समाज पार्टी, एआईएमआईएम प्रमुख पार्टियां हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 58 में से 53 सीटों पर जीत हासिल की थी, जबकि एसपी-बीएसपी के हिस्से में 2-2 और आरएलडी के हिस्से में एक सीट आईं थी और बाद में आरएलडी के एकमात्र विधायक भी बीजेपी में शामिल हो गये थे।

2017 के चुनाव की तुलना में इस बार का माहौल बदला हुआ है। इस बार बीजेपी की कहीं कोई लहर नहीं है बल्कि उसे सरकार विरोधी लहर का सामना करना पड़ रहा है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश का जाट लैंड कहे जाने वाले करीब 6 जिलों में बीजेपी उम्मीदवारों को भारी विरोध झेलना पड़ा है। 58 सीटों वाले 11 जिलों में कई जिले ऐसे हैं जिन्हे मुस्लिम बाहुल्य माना जाता है। इनमें सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी शामली में है। यहां 41.73 फीसदी मुस्लिम हैं। इसके बाद मेरठ में 34.43, हापुड़ में 32.39. बागपत में 27.98, गाजियाबाद में 22.53, अलीगढ़ में 19.58, नोएडा में 13.08,आगरा में 9.31 और मथुरा में 8.52 फीसदी मुस्लिम आबादी है। पहले चरण में पश्चिमी यूपी के जाट बहुल क्षेत्र को कवर किया जाएगा।

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पहले चरण के चुनाव में योगी सरकार के ज‍िन 9 मंत्र‍ियों की साख भी दांव पर लगी हैं। उसमें मथुरा से व‍िधायक और ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा, श‍िकारपुर से व‍िधायक और वन-पर्यावरण मंत्री अन‍िल शर्मा, थाना भवन सीट से व‍िधायक और गन्‍ना मंत्री सुरेश राणा, गाज‍ियाबाद से व‍िधायक और स्‍वास्‍थ्‍य राज्‍य मंत्री अतुल गर्ग, हस्‍त‍िनापुर से व‍िधायक और बाढ़ न‍ियंत्रण राज्‍य मंत्री द‍िनेश खटीक, अतरौली से व‍िधायक और खेल व युवा मामले के मंत्री संदीप स‍िंह, आगरा कैंट से व‍िधायक और समाज कल्‍याण मंत्री जीएस धर्मेश, मुजफ्फरनगर सदर से व‍िधायक और कौशल व‍िकास मंत्री कप‍िल देवअग्रवाल, छाता से व‍िधायक और डेयरी मंत्री लक्ष्‍मी नारायण चौधरी शाम‍िल हैं।

एक आंकलन के मुताबिक पहले चरण में जिन 58 सीटों पर चुनाव हो रहा है, उनमे 29 सीटों पर समाजवादी पार्टी, 9 पर रालोद, 11 पर बीजेपी, 5 सीटों पर बसपा, 4 सीटों पर कांग्रेस की दावेदारी मजबूत बताई जा रही है।

माना जा रहा है कि इस बार बीजेपी को जाट लैंड में बड़ा झटका लग सकता है। पिछले चुनाव में मिली सफलता इस बार उल्ट सकती है। वहीँ राष्ट्रीय लोकदल को जाटलैंड में अच्छी सफलता मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। रालोद को थाना भवन, शामली, बुढ़ाना, पुरकाजी (एससी), खतौली, बड़ौत, बागपत, लोनी, जेवर, बरौली, खैर, गोवर्धन, छाता बलदेव सीट पर मजबूत बताया गया है और उसके उम्मीदवार बीजेपी से सीधे टक्कर में हैं।

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सबसे अहम बात यह है कि इस बार बीजेपी को सरधना, लोनी, अतरौली, मथुरा, कोल, नोएडा, जैसी सीटों पर भी पराजय का सामना करना पड़ सकता है। सरधना में सपा के अतुल प्रधान, लोनी में रालोद के मदन भैया, अतरौली में सपा के वीरेश यादव, मथुरा में कांग्रेस उम्मीदावर प्रदीप माथुर, कोल(अलीगढ) में कांग्रेस के विवेक बंसल, नोएडा में कांग्रेस उम्मीदवार पंखुड़ी पाठक और खैर (अलीगढ) सीट पर रालोद उम्मीदवार भगवती प्रसाद सूर्यवंशी से बीजेपी को कड़ी टक्कर मिल रही है।

समाजवादी पार्टी को लेकर कहा जा रहा है कि पहले चरण के चुनाव में मिली सफलता ही उसका चुनावी भविष्य तय करेगी। यदि पहले चरण में समाजवादी पार्टी 25- 30 सीटें तक जीतने की क्षमता दिखाती है तो वह सत्ता के पथ पर पहुंच सकती है। हालांकि इस चुनाव में समाजवादी पार्टी को राष्ट्रीय लोकदल के साथ गठबंधन होने का फायदा मिलना तय है।

फिलहाल देखना है कि चुनाव प्रचार में राजनीतिक दलों के प्रचार अभियान को मिला जनता का समर्थन ईवीएम में वोट के रूप में परिवर्तित होता है अथवा नहीं। क्या बीजेपी अपनी पुरानी ज़मींन को बचाने में सफल रहेगी या उसे सीटों कर बड़ा घाटा होगा, यह सब तभी पता चलेगा जब 10 मार्च को परिणाम का एलान होगा।

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