सियासी लाभ के लिए दंगे कराना चाहती हैं सपा-भाजपा: मायावती

सियासी लाभ के लिए दंगे कराना चाहती हैं सपा-भाजपा: मायावती

Mayawati_BSP

नई दिल्ली । बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कैराना जाने के लिए भाजपा की निर्भय यात्रा और उसके जवाब में सत्ताधारी सपा की ‘सद्भावना यात्रा’ को आपसी मिलीभगत बताया है। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि इसका मकसद आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सांप्रदायिक दंगे कराकर चुनावी लाभ उठाना है।

मायावती ने यहां जारी एक बयान में कहा कि वैसे तो कैराना से कथित पलायन के मामले को भाजपा सांप्रदायिक रंग देने के साथ-साथ उसका गलत राजनीतिक लाभ उठाने के लिए काफी जोर लगाए हुए हैं। लेकिन सपा सरकार भी राजधर्म को भूलकर ऐसे तत्वों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि बसपा की मांग है कि भड़काने का काम करने वालों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए। वरना उत्तर प्रदेश एक बार फिर सांप्रदायिक दंगे की आग में जलेगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी सपा और उसकी सरकार की होगी।

बसपा अध्यक्ष ने गोरखपुर में एक सपा नेता की थाने में पिटाई के मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनंत देव के निलंबन को अनुचित बताते हुए कहा कि सपा सरकार पूरे तौर पर जंगलराज से घिर चुकी है। ऐसा लगता है कि केंद्र की भाजपा सरकार की तरह ही प्रदेश की सपा सरकार भी गÞलत, जातिवादी व पक्षपाती मानसिकता से काम कर उन सभी अधिकारियों को दंडित कर रही है, जो कानून के मुताबिक निष्पक्षता से काम करने का थोड़ा भी साहस कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि गोरखपुर जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का कसूर सिर्फ इतना था कि उनकी पुलिस ने एक सपा नेता की गुंडई और दबंगई को रोकने की कोशिश की थी। क्या इस प्रकार के गलत कार्यों से प्रदेश की कानून-व्यवस्था कभी भी बेहतर हो पाएगी।

मायावती ने कहा कि यह एक और उदाहरण कि सपा के गुंडों, बदमाशों, माफियाओं, अराजक, आपराधिक और सांप्रदायिक तत्वों के आगे अधिकारियों की बिल्कुल भी नहीं चल पा रही है। गुजरात के इशरत जहां मुठभेड़ मामले में कुछ फाइलों के गायब होने से संबंधित गृह मंत्रालय की जांच के बारे में मीडिया में छपी रिपोर्ट का हवाला देते हुए बसपा प्रमुख ने कहा कि इससे भी यह स्पष्ट हो जाता है कि केंद्र सरकार संवेदनशील मामलों में भी सही नीयत से काम नहीं कर रही है।

केंद्रीय सरकारी एजंसियों और मंत्रालयों का राजनीतिक इस्तेमाल गलत है। ऐसी द्वेषपूर्ण राजनीति नहीं करनी चाहिए। मायावती ने कहा कि इसका एक उदाहरण हैदराबाद के दलित छात्र रोहित वेमुला के मामले में भी जग-जाहिर हो चुका है। उसे इस हद तक प्रताड़ित किया गया कि उसे आत्महत्या तक के लिए मजबूर होना पड़ा। उसे आज तक इंसाफ भी नहीं मिल पाया।

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TeamDigital