मामूली कहासुनी पर उबर के कैब ड्राइवर को गोली मारी

मामूली कहासुनी पर उबर के कैब ड्राइवर को गोली मारी

नई दिल्ली । मुंडका इलाके में उबर के कैब ड्राइवर को मामूली कहासुनी में गोली मार दी। गोली मारने वाला नाबालिग है, जबकि उसके साथ कैब में उसका अन्य साथी भी सवार था।

पुलिस ने शुक्रवार देर शाम दोनों नाबालिगों को हिरासत में ले लिया है। 6 अप्रैल को हुए इस हत्याकांड को मुंडका थाने और नजफगढ़ थाने की पुलिस ने मिलकर सुलझाया। वारदात में इस्तेमाल पिस्टल अभी भी बरामद नहीं हुई है।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वारदात में शामिल दोनों लोग नाबालिग हैं, दोनों ही लोग नजफगढ़ इलाके के रहने वाले हैं। जिस नाबालिग ने गोली मारी उसकी उम्र 17 साल 10 महीने वहीं जिसने कैब बुक की थी उसकी उम्र 16 साल है। मामले की जांच में सामने आया है कि कैब के अंदर ही मामूली रूप से कहासुनी होने पर उन्होंने मंडी (हिमाचल प्रदेश)के कुलदीप ठाकुर से बहस हो गई।

इस दौरान बड़ी उम्र वाले नाबालिग ने मुंडका इलाके में हिरनकूदना एयरफोर्स स्टेशन के पास उसकी लाश गेंहू के खेतों में ठिकाने लगा दी। इसके बाद उसकी कैब को आरोपी नजफगढ़ इलाके के नगली शकरावती स्थित एक फैक्ट्री के पास ले गये और यहां छोड़कर फरार हो गये।

कैब की बुकिंग 6 अप्रैल को तीन बजे हुई थी, जिसके बाद वह उसे 3 घंटे तक घुमाते रहे थे। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस मामले की जांच दोनों थानों के बीच बंटी जिसमें नजफगढ़ थाने के एसएचओ राजवीर सिंह लांबा और एसआई एसपी समारिया ने कार की गुमशुदगी के बारे में तलाशी की। वहीं पश्चिमी जिले में एसीपी नांगलोई आनंद सागर, इंस्पेक्टर नरसिंह व अन्य लोग युवक की लाश के बारे में तहकीकात कर रहे थे। इस दौरान इस टीम की जांच में कैब बुक करने वाले नाबालिग के कॉल डिटेल और ईमेल की जांच की गई , जिसके बाद उसे पकड़ लिया गया।

कैब के रिकॉर्ड से खुली पोल
पुलिस को 7 अप्रैल को 9 बजकर 25 मिनट पर एक कार मिलने की सूचना मिली थी। जिसके बाद नजफगढ़ थाने की पुलिस मौके पर पहुंची दौरान कार के अंदर मिले खून से पुलिस को कुछ संदिग्ध लगा। जब गाड़ी पर लिखे नंबर से बातचीत की गई तो पता चला कि कैब एंड्रयुजगंज, डिफेंस कॉलोनी में रहने वाले कुलदीप ठाकुर की है। वह ओला और उबर दोनों टैक्सी कंपनियों के लिए गाड़ी चलाता था।

इस मामले में जब पुलिस ने ओला के प्रतिनिधियों से बात की तो पता चला कि उसने आखिरी बार ओला के लिए बुकिंग 11 मार्च को की थी। इसके बाद जब उबर के बुकिंग रिकॉर्ड को खंगाला गया तो पता चला कि 6 अप्रेल को दो बुकिंग की गई थी। जिसमें एक बुकिंग मुंडका लीलावत से थी, यह बुकिंग नजफगढ़ के लिए रोशनमंडी में रहने वाले 16 साल के नाबालिग ने कराई थी। पुलिस ने पहले इसी नाबालिग को पकड़ा, उसके बाद दूसरे नाबालिग को पकड़ लिया गया।

गांव के नाम पर हुई बहसबाजी
पूरे मामले में एक बात और सामने आई है, जिसमें पूरी बहस गांव के नाम से शुरू हुई थी। इसमें इन दोनों नाबालिगों ने कुलदीप से पूछा था कि कहां के रहने वाले हो ? इस पर उसने जबाव दिया था कि वह मंडी का रहने वाला।

इस पर दोनों ने ड्राइवर के साथ अभद्रता की और कहा कि यह कैसा नाम है। इस पर कुलदीप ने भी कहा कि मुंडका कैसा नाम है। इसी बात पर दोनों पक्षों में तकरार हो गई। फिर रोशनमंडी निवासी 16 साल के नाबालिग और दीपक विहार के दूसरे नाबालिग ने कुलदीप से हिरनकूदना के पास गाड़ी रुकवाई और बाहर निकालकर उसे दो गोली मार दी। इसके बाद गाड़ी नजफगढ़ में ठिकाने पर लगाकर फरार हो गये।

एक नाबालिग का पिता है इलाके का बदमाश
पुलिस की पड़ताल में सामने आया है कि 16 साल के नाबालिग का पिता 2001 में हत्या केस में जेल जा चुका है। हालांकि नाबालिगों ने कोई और वारदात तो नहीं की है, इस बात की पुलिस जांच कर रही है। पुलिस ने बताया कि कार में खून फैला हुआ था, जिससे पुलिस को यह शक हुआ था कि पीडि़त को पीटा भी गया है।

परिवार में कमाई का एकमात्र जरिया थे कुलदीप
कुलदीप के भतीजे योगराज ने बताया कि कुलदीप परिवार में कमाई का एकमात्र जरिया था। उनके परिवार में पत्नी वीना दो बेटियां मोनिका और शीतल हैं। वहीं एक बेटा निकुल है। योगराज ने बताया कि परिवार का पालन पोषण कैसे होगा? यह समझ नहीं आ रहा है। एक बेटी की शादी दिसंबर में की थी। परिवार की माली हालत भी ज्यादा अच्छी नहीं है। उन्होंने उबर कंपनी के व्यवहार पर हैरान जताई, कहा- कंपनी की तरफ से अब तक कॉल नहीं आई है।

अपनी राय कमेंट बॉक्स में दें

TeamDigital