हलफनामे में सही जानकारी न देने के चलते इस बीजेपी सांसद की हुई सदस्यता रदद्

पटना । चुनावी हलफनामे में सही जानकारी न देना एक बीजेपी सांसद को भारी पड़ गया । हाईकोर्ट ने उसके चुनाव को अमान्य घोषित कर दिया है । सासाराम (सुरक्षित) सीट से बीजेपी सांसद छेदी पासवान पर आरोप है कि उन्होंने अपने हलफनामे में क्रिमिनल केस की सही जानकारी नही दी थी ।

वकील ने दी थी चुनौती

पटना हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति किशोर कुमार मंडल की पीठ ने भभुआ कोर्ट के वकील गंगा मिश्रा की ओर से दायर चुनाव याचिका पर सुनवाई के बाद अपने 29 पन्ने के आदेश में 14 अप्रैल 2014 के हुए उनके चुनाव को अमान्य घोषित कर दिया। भभुआ सिविल कोर्ट के वकील गंगा मिश्रा ने भाजपा सांसद छेदी पासवान के चुनाव को पटना हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का दिया हवाला

वकील ने आरोप लगाया था कि श्री पासवान नामांकन पत्र के फॉर्म 26 में अपने आपराधिक इतिहास की सही-सही जानकारी नहीं दी है। उनका कहना था कि सांसद ने एक नहीं पूरे तीन आपराधिक घटना की जानकारी नहीं दी है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि को अपने नामांकन पत्र में उनके खिलाफ दर्ज सभी आपराधिक मामलों की पूरी जानकारी देना अनिवार्य है।

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ब्योरा देना जरूरी नहीं समझा

वहीं सांसद के वकील संजय कुमार मनू ने कोर्ट को बताया कि जिस घटना का ब्योरा नहीं देने की बात कही जा रही है, उसे नामांकन पत्र के साथ देना जरूरी नहीं है। उनका कहना था कि एक केस दुर्गा परियोजना को लेकर है, जिसमें लगभग दो सौ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। वहीं एक अन्य मामले में अबतक कुछ नहीं हुआ है। इसमें लगाए गए धाराओं की सजा 6 माह ही है। अदालत ने सभी पक्षों की दलील सुनने के बाद अपने आदेश में कहा कि आपराधिक घटना की जानकारी नहीं देना कानूनन गलत है। कोर्ट ने सांसद के चुनाव को अमान्य घोषित कर दिया।

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