बाबरी मस्जिद मामले में उमा, आडवाणी समेत 13 लोगों को 30 मई को पेश होने के आदेश

नई दिल्ली। अयोध्या में 6 दिसंबर 1992 को हुए बाबरी मस्जिद विध्वंश मामले में सीबीआई की विशेष कोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई करते हुए उमा भारती, लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी समेत 13 लोगों के 30 मई को पेश होने के लिए कहा है।

गौरतलब है कि 19 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने विशेष अदालत को इस मामले में एक महीने के भीतर मुकदमा चलाने और दो साल के भीतर फैसला सुनाने का निर्देश दिया था।

वहीँ 20 मई को सीबीआई की स्‍पेशल कोर्ट ने इस विवादित केस में सुनवाई शुरू की और विश्‍व हिंदू परिषद के पांच आरोपित नेताओं द्वारा सरेंडर किए जाने के बाद उन्हें जमानत दे दी। इनमें पूर्व सांसद आर वी वेदांती और विश्‍व हिंदू परिषद नेता चंपत राय, बी एल शर्मा, महंत नृत्‍य गोपाल दास और धरमदास शामिल हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने अभी कल्याण सिंह को इस मामले से बाहर रखा है। क्योंकि वह राजस्थान के गवर्नर हैं। जबतक वह गवर्नर रहेंगे तबतक उनपर कोई केस रजिस्टर नहीं होगा।

इस ट्रायल को दो साल में खत्म करने की बात सुप्रीम कोर्ट ने कही है। इसके लिए मामले की लखनऊ कोर्ट में रोजाना सुनवाई होगी। केंद्रीय मंत्री उमा भारती पर भी केस चलेगा। सीबीआई की ओर से पेश वकील नीरज किशन कौल ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की थी कि रायबरेली की कोर्ट में चल रहे मामले को भी लखनऊ की स्पेशल कोर्ट में ट्रांसफर कर ज्वाइंट ट्रायल चलाया जाए।

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