चुनावी मैदान में सत्ता विरोधी हवा, कांग्रेस उठाएगी किसानो, बेरोज़गारो से जुड़े मुद्दे

चुनावी मैदान में सत्ता विरोधी हवा, कांग्रेस उठाएगी किसानो, बेरोज़गारो से जुड़े मुद्दे

नई दिल्ली। हरियाणा और महाराष्ट्र में सत्ता विरोधी हवा का रुख देखते हुए कांग्रेस ने तय किया है कि पूरे चुनाव में आम आदमी से जुड़े मुद्दे उठाकर बीजेपी से जबाव मांगा जाएगा।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने दोनों राज्यों की चुनाव समितियों को स्पष्ट तौर पर निर्देश दिए हैं कि चुनाव के दौरान पार्टी के नेता चुनावी मंचो से लेकर प्रेस कॉंफ्रेंस तक हर जगह आम आदमी से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दें।

सूत्रों ने कहा कि प्रदेश की चुनाव समितियों को कहा गया है कि वे चुनाव को सांप्रदायिक रंग देने की बीजेपी की कोशिशों से सावधान रहें और पीएम मोदी सहित किसी भी बीजेपी नेता पर व्यक्तिगत हमले न करें और न ही कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने और तीन तलाक कानून को लेकर कोई बयान दें।

पार्टी सूत्रों ने कहा कि सोनिया गांधी ने राज्य कांग्रेस के नेताओं से कहा है कि वे चुनावी मंच से ज़मीनी हकीकत पेश करें। इनमे बेरोज़गारी, किसानो से जुड़े मुद्दे, देश में आर्थिक मंदी, फैक्ट्रियों में बंदी और महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराध शामिल हैं।

सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस के आंतरिक सर्वे बताते हैं कि हरियाणा और महाराष्ट्र में मतदाताओं की एक बड़ी तादाद सरकार के कामकाज से संतुष्ट नहीं है। ऐसे में पार्टी मानकर चल रही है कि मतदान की तारीख आते आते दोनों राज्यों में सरकार विरोधी हवा की रफ्तार बढ़ जायेगी।

इतना ही नहीं राज्यों के कांग्रेस नेताओं को यह भी निदेश दिए गए हैं कि वे पार्टी लाइन से अलग हटकर अपनी मर्जी से कोई ऐसा बयान न दें जिनसे चुनाव में पार्टी की फजीयत हो।

गौरतलब है कि महाराष्ट्र और हरियाणा में 21 अक्टूबर को चुनाव होना है। इनमे महाराष्ट्र की 288 और हरियाणा की 90 सीटों के लिए एक ही दिन मतदान होगा तथा 24 अक्टूबर को परिणाम घोषित किये जाएंगे।

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TeamDigital