कुलदीप बिश्नोई की हरियाणा जनहित कांग्रेस का कांग्रेस में विलय

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नई दिल्ली । हरियाणा जनहित कांग्रेस (बीएल) पार्टी का गुरुवार को कांग्रेस में विलय हो गया। हजकां प्रमुख कुलदीप बिश्नोई अपनी वर्किंग कमेटी और पत्नी रेणुका बिश्नोई के साथ सुबह 9:30 बजे यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी से उनके निवास पर मुलाकात की, इसके बाद 10 बजे विलय की घोषणा कर दी गई।

इस दौरान गुरुवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला, कुमारी शैलजा, अशोक तंवर, किरण चौधरी और कांग्रेस के हरियाणा प्रभारी शकील अहमद मौजूद रहे। हरियाणा जनहित कांग्रेस प्रमुख कुलदीप बिश्नोई ने 2 दिन पहले ही पार्टी को कांग्रेस में विलय करने की घोषणा की थी।

उन्होंने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से दिल्ली में मुलाकात की थी। विलय के बाद अक्टूबर या दिसंबर में एक बड़ी रैली करके हिसार में शक्ति प्रदर्शन भी करेंगे। माना जा रहा है कि कांग्रेस में जल्द ही कुलदीप बिश्नोई को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

कुलदीप बिश्नोई ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस के बैनर तले की और 1998 में हुए विधानसभा के उपचुनाव में उन्होंने विपक्षी पार्टी के उम्मीदवार की हैसियत से स्वर्गीय चौधरी बंसी लाल की तत्कालीन सत्तारूढ़ पार्टी (एचवीपी) के खिलाफ जीत दर्ज की।

हरियाणा में कांग्रेस के लिए सालों तक भजनलाल एकमात्र गैर जाट चेहरे के रूप में जाने जाते रहे, लेकिन 2005 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद जब भजनलाल को मुख्‍यमंत्री नहीं बनाया गया तो कुलदीप बिश्‍नोई ने अपनी अलग पार्टी ही बना ली।

बिश्‍नोई ने 2 दिसंबर 2007 को हरियाणा जनहित कांग्रेस नाम से एक पार्टी बनाई। कुलदीप इस समय हरियाणा जनहित कांग्रेस के अध्यक्ष हैं। इससे पहले 15 वीें लोकसभा के सदस्य भी रह चुके हैं।

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TeamDigital