कर्नाटक में कांग्रेस के तीनों उम्मीदवार जीते, यू पी में सिब्ब्ल व उत्तराखंड में कांग्रेस के प्रदीप टमटा जीते

Kapil_Sibbal

नई दिल्ली । राज्यसभा के लिए शनिवार को हुई वोटिंग के बाद अधिकतर नतीजे सामने आ गए हैं। राजस्थान में चारों जबकि झारखंड की दोनों सीटें बीजेपी ने जीती हैं। वेंकैया नायडू, ओम प्रकाश माथुर, हर्षवर्धन सिंह और रामकुमार वर्मा राजस्‍थान से विजेता बने हैं।

वहीं उत्तराखण्ड से कांग्रेस के प्रदीप टमटा को जीत मिली है। यूपी में कांग्रेस के कपिल सिब्‍बल को भी जीत मिली है। वहीं, हरियाणा से बीजेपी के वीरेंद्र सिंह और बीजेपी समर्थित निर्दलीय उम्‍मीदवार सुभाष चंद्रा को जीत मिली है।

यूपी में सपा के सातों कैंडिडेट जीत गए हैं। वहीं, मध्‍य प्रदेश में कांग्रेस समर्थित उम्‍मीदवार विवेक तन्‍खा को जीत मिली है। झारखंड में दोनों सीटें बीजेपी को ही मिली हैं।

इस चुनाव में उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 11 सीटों के लिए मतदान हुआ। उत्तर प्रदेश में 11 सीटों के लिए सपा ने सात, बसपा ने दो, कांग्रेस और भाजपा ने एक-एक उम्मीदवार उतारे , जबकि प्रीति महापात्रा निर्दलीय के रूप में 12वीं उम्मीदवार हैं, जिनके कारण चुनाव की नौबत आयी। चूंकि महापात्रा के प्रस्तावकों में भाजपा के भी 16 विधायक शामिल थे, राजनीतिक हलकों में अनाधिकारिक रूप से उन्हें भाजपा का ही दूसरा प्रत्याशी माना गया।

कर्नाटक में कांग्रेस के तीनो उम्मीदवार राज्य सभा चुनाव जीत गए हैं । जेडीएस के 8 विधायिकों के विद्रोह के बाद जेडीएस के राज्यसभा उम्मीदवार हार गए । उन्हें 32 मत ही मिले। जबकि जेडीएस के 40 विधायक हैं। यानी 8 विधायिकों ने बगावत की।

शुरुआत में विद्रोही खेमे के नेता ज़मीर अहमद खान ने 5 विधायकों के विद्रोह की बात कही थी। ज़मीर अहमद खान ने कहा कि उन्होंने अपना इरादा साफ़ कर दिया था। और मतदान से पहले भी उन्होंने जेडीएस सुप्रीमो देवेगौड़ा के बेटे रेवन्ना को बता दिया था कि वो क्रॉस वोटिंग करने जा रहे हैं।

ऊधर जेडीएस अध्यक्ष कुमारस्वामी ने कहा कि पिछले 15 दिनों से कांग्रेस पैसों और दूसरे तरीकों से उनके और उनके समर्थन वाले निर्दलीय विधायकों पर दबाव डाल रही थी। जिन विधायिकों ने विद्रोह किया है उनके खिलाफ करवाई की जायेगी।

वहीं कांग्रेस के तीनों उम्मीदवार जीत गए। कांग्रेस के पास 122 विधायक थे। राज्यसभा में एक एमपी के लिए 46 विधायक चाहिए थे, ऐसे में वरिष्ठ कांग्रेसी नेता जयराम रमेश और ऑस्कर फर्नांडिस की जीत के बाद कांग्रेस के पास 30 विधायक ज़यादा थे यानी तीसरे उम्मीदवार पूर्व आईपीएस अधिकारी राममूर्ति की सीट सुनिश्चित करने से 16 कम लेकिन जेडीएस के 8 बागी विधायको और 12 निर्दलीयों की वजह से ये फासला आसानी से पट गया।

जयराम रमेश को 47 मत मिले जबकि ऑस्कर फर्नांडिस को 46 मत। वाहन तीसरे उम्मीदवार के सी राममूर्ति को 52 मत।

बीजेपी की निर्मला सीतारमण को 46 मत मिले जबकि उनकी पार्टी बीजेपी के 44 विधायक हैं। एक निर्दलीय और श्री रामालू की पार्टी बीएसआरसी के दो विधायकों के समर्थन से उन्हें जीत आसानी से हासिल हो गयी।

जीत के बाद कांग्रेस के तीसरे उम्मीदवार रामामूर्ति ने कहा कि वो सभी विधायिकों का शुक्रिया अदा करते हैं जिन्होंने उन्हें वोट दिया। हालांकि इस सवाल का जवाब वो टाल गए कि आखिर जेडीएस के बागी और निर्दलीयों ने उन्हें अपना समर्थन किन शर्तों पर दिया। वहीं निर्मला सीतारमण ने कहा कि मैं अपने आप को कर्नाटक को समर्पित कर काम करुंगी।

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