एमजीएफ ने कहा ‘राहुल गांधी ने दुकानों के लिए बाजार भाव से दिए थे पैसे’

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नई दिल्ली। भवन निर्माण क्षेत्र की कंपनी एम्मार एमजीएफ ने कहा है कि उसने दिसंबर 2005 में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को मेट्रोपोलिटन मॉल, साकेत में दोनों दुकानें बाजार भाव से बेची थीं।

कंपनी ने इन आरोपों का खंडन किया है कि दोनों दुकानें पट्टे पर दी गई थीं या उसने दुकानों को वापस खरीद लिया था। कंपनी ने बुधवार को एक बयान जारी कर कहा कि भाजपा सांसद किरीट सोमैया द्वारा इस सिलसिले में लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह से गलत और दुर्भावना से ग्रस्त हैं।

कंपनी का कहना है कि मेट्रोपोलिटन मॉल में दोनों दुकानों के लिए राहुल गांधी ने 9,750 रुपये प्रति वर्गफुट की दर से लगभग 1.47 करोड़ रुपये चुकाए थे। उन्होंने फरवरी 2010 में दोनों दुकानें वर्ली रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड को बेच दीं।

एम्मार एमजीएफ ने कहा कि हमारी कंपनी ने साकेत मॉल में दो दुकानें छह दिसंबर 2005 को राहुल गांधी को बेची थीं। कंपनी ने इन दुकानों को राहुल गांधी से कभी न तो लीज पर लिया और न ही वापस खरीदा। कंपनी का कहना है कि यह सौदा उस दिन के बाजार दर के हिसाब से था।

गौरतलब है कि एम्मार एमजीएफ का नाम इससे पहले कई अन्य विवादों में भी आ चुका है। यह दुबई की एम्मार प्रोपर्टीज एवं भारत के एमजीएफ डेवलेपमेंट्स लिमिटेड का जॉइंट वेंचर है। कंपनी का कहना है कि यह पूरा सौदा पारदर्शी था और इसकी सार्वजनिक जानकारी पहले ही दी जा चुकी है।

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