अपनी पसंद का राष्‍ट्रपति बनाने के लिये ये है भाजपा का फॉर्मूला

अपनी पसंद का राष्‍ट्रपति बनाने के लिये ये है भाजपा का फॉर्मूला

नई दिल्ली। इस वर्ष जुलाई में होने जा रहे अगले राष्ट्रपति के चुनाव को लेकर जहाँ विपक्ष एकजुट हो रहा हैं वहीं दूसरी तरफ दावा किया जा रहा है कि राष्ट्रपति चुनाव में भाजपा के लिए अपनी पसंद का राष्ट्रपति बनाने का रास्ता साफ हो रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आंध्र प्रदेश की वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष जगन मोहन रेड्डी ने एनडीए के उम्मीदवार का समर्थन करने की घोषणा की है जिससे भाजपा के उम्मीदवार के राष्ट्रपति बनने की संभावनाएं और बढ़ गई हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने के बाद जगन मोहन रेड्डी ने कहा, ‘मैंने प्रधानमंत्री से समर्थन करने का वादा किया है, क्योंकि मेरा मानना है कि राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव नहीं होना चाहिए।’ उन्होंने यह भी कहा कि भूमि अधिग्रहण विधेयक और आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा के मुद्दे को छोड़कर उनकी पार्टी का भाजपा के साथ मतभेद नहीं रहा है।

जगन मोहन रेड्डी के मुताबिक भाजपा के पास अपने उम्मीदवार को जिताने के लिए पर्याप्त समर्थन मौजूद है, ऐसे में विपक्ष द्वारा उम्मीदवार उतारने का कोई मतलब नहीं है। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे दिलचस्प पक्ष यह है कि जगन मोहन रेड्डी आंध्र प्रदेश में नेता प्रतिपक्ष हैं, जहां टीडीपी की सरकार है जो केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार में भी शामिल है।

वैसे ही बीजेपी के नेतृत्‍व वाला एनडीए पहले से ही काफी मजबूत स्थिति में है। 410 सांसद और 1691 विधायकों की ताकत से एनडीए के पास 5,32,019 वोट हैं। उल्‍लेखनीय है कि राष्ट्रपति चुनाव के लिए देश भर के सभी 4120 विधायकों और 776 सांसदों को मिला कर चुनाव मंडल बनता है। उनके वोटों का कुल मूल्य 10,98,882 है और जीतने के लिए 5,49,441 वोट चाहिए। यानी एनडीए को सिर्फ 17,422 वोट ही चाहिए। वाईएसआर कांग्रेस के पास 16,848 वोट हैं।

उधर टीआरएस और एआईएडीएमके के दोनों धड़े भी एनडीए उम्मीदवार का समर्थन करने का संyrsyकेत दे रही है। टीआरएस के पास 22,048 वोट हैं जबकि एआईएडीएमके के दोनों धड़ों के पास 59,224 वोट हैं। इस तरह से एनडीए के पास जरूरी बहुमत से भी अधिक आंकड़ा बनने के आसार हैं। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में जीत के बाद भाजपा गठबंधन के पास अब 5,31,954 वोट हैं, जो राष्ट्रपति का चुनाव जीतने के लिए जरूरी वोट से मात्र 17,488 कम हैं। भाजपा गठबंधन प्रत्याशी को जीत के लिए 5,49,442 वोटों की आवश्यकता होगी।

बहरहाल, उत्तर प्रदेश में जीत के बाद भाजपा की स्थिति इसलिए भी काफी मजबूत हो गई, क्योंकि विधायक के वोट का मूल्य प्रदेश की जनसंख्या के आधार पर निश्चित होता है। उप्र के एक विधायक के वोट का मूल्य भारत में सर्वाधिक 208 है, जबकि सिक्किम के एक विधायक के वोट का मूल्य न्यूनतम यानी सिर्फ सात है।

अब सवाल ये है कि अगला राष्ट्रपति कौन हो सकता है। फिलहाल तो इसका जवाब सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास है। हालांकि भाजपा नेताओं में कई नामों की चर्चा है। सत्‍ता पक्ष की तरफ से राष्ट्रपति के संभावित उम्मीदवारों में लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, सुषमा स्वराज, सुमित्रा महाजन झारखंड की राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू या शहरी विकास मंत्री एम वेंकैया नायडू का नाम लिया जा रहा है। जून में बीजेपी कोर ग्रुप और आरएसएस के वरिष्ठ नेताओं के साथ बातचीत के बाद नाम तय होगा।

वहीं विपक्ष की ओर से पूर्व राजनयिक और पश्चिम बंगाल के राज्‍यपाल गोपालकृष्‍ण गांधी और मीरा कुमार के नामों पर चर्चा चल रही है। महात्‍मा गांधी के सबसे छोटे पौत्र गोपालकृष्‍ण गांधी ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा है कि इनसे इस संबंध में संपर्क साधा गया है। हालांकि यह भी कहा कि यह बेहद शुरुआती स्‍तर की बातचीत है और इससे आगे उन्‍होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।

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