नरम हिंदुत्व का चेहरा दिखाकर मुसलमानो को भ्रमित करने की कोशिश है भागवत का बयान

नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि अगर कोई हिंदू कहता है कि यहां कोई मुसलमान नहीं रहना चाहिए, तो वह व्यक्ति हिंदू नहीं है और यह मैंने पहली बार नहीं कहा है, यह चलते आया है।

भागवत ने कहा कि आज मुझे संघ के शीर्ष पर रखा गया है तो मै बोलता हूं पर यह शुरू से कहा गया है तब संघ छोटा था तो उसकी बात सुनी नहीं गई। हम सबके पूर्वज एक समान हैं, स्वार्थ अलग अलग होंगे पर समाज एक है।

पुस्तक ‘द मीटिंग्स ऑफ माइंड्स: ए ब्रिजिंग इनिशिएटिव’ के विमोचन कार्यक्रम में अपने संबोधन में भागवत ने कहा कि वोट की राजनीति में हम नहीं पड़ते। राष्ट्र में क्या होना चाहिए, इस बारे में हमारे कुछ विचार हैं। अब एक ताकत बनी है तो वो ठीक हो जाए, इतनी ताकत हम चुनाव में भी लगाते हैं। हम राष्ट्रहित के पक्षधर हैं।

मोहन भागवत ने कहा कि हम लोकतंत्र में हैं। हिंदुओं या मुसलमानों का प्रभुत्व नहीं हो सकता. भारतीयों का ही वर्चस्व हो सकता है। यह सिद्ध हो चुका है कि हम पिछले 40,000 वर्षों से एक ही पूर्वजों के वंशज हैं. हिंदू और मुसलमान दो समूह नहीं हैं, एकजुट होने के लिए कुछ भी नहीं है, वे पहले से ही एक साथ हैं।

ये भी पढ़ें:  नयी दिल्ली : पार्टी अध्यक्ष चुनाव में किसी उम्मीदवार के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण प्रचार न हो : कांग्रेस

इतना ही नहीं संघ प्रमुख ने मॉब लिंचिंग की घटनाओं को लेकर कहा कि इसमें शामिल लोग हिंदुत्व के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि गाय एक पवित्र जानवर है लेकिन जो लोग दूसरों को मार रहे हैं वे हिंदुत्व के खिलाफ जा रहे हैं। कानून को बिना किसी पक्षपात के उनके खिलाफ अपना काम करना चाहिए।

भागवत के बयान में कितना दम:

मुसलमानो को लेकर संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर यदि गौर किया जाए तो खुद बीजेपी और विश्व हिन्दू परिषद तथा इसके सहयोगी संगठन से जुड़े नेता मुसलमानो को पाकिस्तान जाने की सलाह देते रहे हैं।

केंद्र सरकार के मंत्रियों से लेकर बीजेपी शासित राज्यों के मंत्रियों और नेताओं के मुंह से एक बार नहीं बल्कि बार बार इस तरह का जुमला सामने आता रहा है जिसमे भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाये जाने और मुसलमानो को पाकिस्तान भेजे जाने की बात कही गई है। यहां अहम सवाल यही है कि क्या भागवत के आज के बयान के बाद देश में सांप्रदायिक सद्भाव और भाईचारा बढ़ेगा या भागवत का बयान भी अगले वर्ष उत्तर प्रदेश में होने जा रहे विधानसभा चुनाव से पहले मुसलमानो को साधने की एक कोशिश भर है।

विहिप ने दी प्रतिक्रिया:

संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए विश्व हिन्दू परिषद के नेता आलोक कुमार ने कहा कि “हम सभी को जोड़ने वाला तत्व भारतीयता है। एक मां की हम सब संतान हैं। सारी व्यवस्थाएं अंबेडकर द्वारा बनाए संविधान से चलती हैं। इसलिए हिन्दू और मुसलमान हम सभी का DNA एक होने के कारण हम मे कोई मौलिक मतभेद नहीं है।”

ये भी पढ़ें:  झारखंड : तेंदुए के हमले में दो वनकर्मी घायल

अपनी राय कमेंट बॉक्स में दें
सत्य को ज़िंदा रखने की इस मुहिम में आपका सहयोग बेहद ज़रूरी है। आपसे मिली सहयोग राशि हमारे लिए संजीवनी का कार्य करेगी और हमे इस मार्ग पर निरंतर चलने के लिए प्रेरित करेगी। याद रखिये ! सत्य विचलित हो सकता है पराजित नहीं।
ताज़ा हिंदी समाचार और उनसे जुड़े अपडेट हासिल करने के लिए फ्री मोबाइल एप डाउनलोड करें अथवा हमें फेसबुक, ट्विटर या गूगल पर फॉलो करें