प्रधानमंत्री के साथ बैठक में राज्यों ने वैक्सीन को लेकर उठाया एक देश एक कीमत का मामला

नई दिल्ली। देश में कोरोना की स्थिति की समीक्षा के लिए आज पीएम नरेंद्र मोदी के साथ राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक में भी वैक्सीन की कीमतों का मुद्दा उठा। बैठक में राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने ऑक्सीजन की आपूर्ति और वैक्सीन की अलग अलग कीमत को लेकर सवाल उठाये।

बैठक में कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने पूछा कि एक देश में वैक्सीन के दो रेट कैसे हो सकते हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अगले महीने से राज्य सीधे तौर पर कंपनी से वैक्सीन खरीद पाएगी। लेकिन, कंपनी ने कहा है कि वो राज्य सरकार को चार सौ रूपए प्रति डोज और केंद्र को 150 रूपए प्रति डोज देगी। ऐसा क्यों, एक देश में वैक्सीन की दो दरे क्यों?

केजरीवाल ने कहा कि इस वक्त दिल्ली में ऑक्सीजन का बहुत बड़ा संकट चल रहा है। केंद्र सरकार का दिल्ली का ऑक्सीजन का कोटा बढ़ाने के लिए मैं प्रधानमंत्री जी आपका धन्यवाद करता हूं, इस बढ़े हुए कोटे को दिल्ली तक पहुंचाने में हमारी मदद करें।

बैठक संपन्न होने के बाद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि हमारी प्रधानमंत्री से ऑक्सीजन और राज्यों में तैयारियों के बारे में बात हुई। बैठक में सभी मुख्यमंत्रियों ने कहा कि वैक्सीन की कीमत देश में एक जैसी होनी चाहिए। केंद्र सरकार बताए कि हमें कितनी वैक्सीन मिलेगी ताकि हम उस हिसाब से अपनी योजना बना सके।

ये भी पढ़ें:  Live: राजस्थान में कांग्रेस विधायक दल की बैठक निरस्त

महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश तोपे ने कहा कि हम वैक्सीन की खरीद भी करेंगे। उसके लिए ‘वन नेशन-वन रेट’ के बारे में कई राज्यों ने मांग रखी है, उसके बारे में केंद्र सरकार कोई नीति बनाती है या नहीं इसपर ध्यान रहेगा। BPL परिवारों का ह़क बनता है कि उन्हें मुफ्त में वैक्सीन मिले।

उन्होंने कहा कि बहुत जोर रहेगा कि महाराष्ट्र में वैक्सीनेशन बड़े पैमाने पर हो, आज भी महाराष्ट्र वैक्सीनेशन में नंबर-1 पर है। सबसे ज्यादा सेंटर हमारे पास हैं। अगर वहां रोजाना पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन मिलती है तो हमारा औसत टीकाकरण 6 लाख से ऊपर जा सकता है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हमें अन्य राज्यों से ऑक्सीजन आने में रूकावट न हो, ग्रीन कॉरिडोर मिले। अगर भरा हुआ टैंकर एयरलिफ्ट नहीं हो सकता तो खाली टैंकर एयर फोर्स द्वारा एयरलिफ्ट किया जाए।

अपनी राय कमेंट बॉक्स में दें
सत्य को ज़िंदा रखने की इस मुहिम में आपका सहयोग बेहद ज़रूरी है। आपसे मिली सहयोग राशि हमारे लिए संजीवनी का कार्य करेगी और हमे इस मार्ग पर निरंतर चलने के लिए प्रेरित करेगी। याद रखिये ! सत्य विचलित हो सकता है पराजित नहीं।
ताज़ा हिंदी समाचार और उनसे जुड़े अपडेट हासिल करने के लिए फ्री मोबाइल एप डाउनलोड करें अथवा हमें फेसबुक, ट्विटर या गूगल पर फॉलो करें