कोरोना की दवा बनाने का दावा करने वाले रामदेव का पतंजलि बना कोरोना हॉट स्पॉट

हरिद्वार। पिछले वर्ष देश में कोरोना की पहली लहर के दौरान योग से कोरोना ठीक होने का दावा करने वाले और कोरोना के इलाज के लिए कोरोनिल दवा बनाने वाले बाबा रामदेव के प्रतिष्ठान पतंजलि में काम करने वाले 83 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।

हरिद्वार सीएमओ डॉ. शंभू झा ने बताया है कि 10 अप्रैल से अब तक पंतजलि योगपीठ आचार्यकुलम और योग ग्राम में 83 कोरोना पॉजिटिव मिल चुके हैं। इन संक्रमितों को पतंजलि परिसर में ही आइसोलेट किया गया है। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो बाबा रामदेव की भी कोरोना जांच की जा सकती है।

वहीँ गुरूवार को देहरादून में मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने निजी अस्पतालों के अधिकारियों के साथ प्रदेश में बढ़ते कोविड संक्रमण के ऊपर बैठक की। वहीँ उत्तराखंड में आज कोरोना संक्रमण के 3,998 नए मामले और 19 मौतें दर्ज की गई। कुल मामले 1,38,010 हो गए हैं।

गौरतलब है कि हरिद्वार में हाल ही में महाकुंभ मेले का आयोजन होने के बाद कोरोना मरीजों की तादाद में यकायक बढ़ोत्तरी हुई है। पतंजलि ने पिछले वर्ष कोरोना की दवा कोरोनिल को लांच किया था लेकिन यह दवा मानकों पर खरी न उतरने के बाद विवादों में फंस गई थी।

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विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बाबा रामदेव के उस दावे की पोल खोल दी है जिसमे उन्होंने पतंजलि द्वारा बनाई गई दवा कोरोनिल को लेकर दावा किया था कि “पतंजलि की कोरोनिल को भारत सरकार और ग्लोबल हेल्थ बॉडी की तरफ से मंजूरी मिली है।”

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने एक बयान जारी कर बाबा रामदेव के झूठ की पोल खोल दी है। संगठन की तरफ से जारी किये गए बयान में कहा गया है कि WHO की तरफ से कोरोना के इलाज के लिए अब तक किसी भी पारंपरिक औषधि को मंजूरी नहीं दी गई है।

WHO की तरफ से यह बयान बाबा रामदेव के उस दावे के बाद आया है जिसमे दावा किया गया था कि पतंजलि की कोरोनिल को भारत सरकार और ग्लोबल हेल्थ बॉडी की तरफ से मंजूरी मिली है। रामदेव ने कहा था कि कोरोनिल इम्यूनिटी को बढ़ाने और कोविड-19 को कंट्रोल करने में कारगर है।

डब्ल्यूएचओ साउथ-ईस्ट एशिया के ट्विटर अकाउंट से लिखा गया, ‘WHO ने किसी भी पारंपरिक औषधि को कोरोना के लिए इलाज के लिए रिव्यू या फिर उसे सर्टिफिकेट नहीं दिया है, जिसमें उसके असर के बारे में बताया गया हो।’

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