देश में मौजूदा स्थिति के लिए पीएम मोदी और चुनाव आयोग बराबर के ज़िम्मेदार: ममता बनर्जी

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मद्रास हाईकोर्ट द्वारा सोमवार को कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के लिए चुनाव आयोग को ज़िम्मेदार ठहराए जाने वाली टिप्पणी का स्वागत किया है।

ममता बनर्जी ने पार्टी पदाधिकरियों की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि वे मद्रास हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करती हैं, जिसमे कहा गया है कि चुनाव आयोग अपनी ज़िम्मेदारी से नहीं बच सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में कोरोना की मौजूदा स्थिति के लिए पीएम नरेंद्र मोदी और चुनाव आयोग सीधे तौर पर ज़िम्मेदार हैं।

ममता बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में तैनात किये गए सभी केंद्रीय सुरक्षा बलों को अंतिम चरण के चुनाव से पहले ही वापस बुला लिया जाए। जो यहां स्कूलों, कॉलेजों और में डेरा डालकर कोविड प्रबंधन के कार्यो में बाधा डाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनमें से 75 प्रतिशत से ज्यादा संक्रमित हो सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस ने कोरोना महामारी को देखते हुए चुनाव आयोग से बार बार अपील की थी कि वह पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावो को आठ चरणों तक न खींचे बल्कि इन्हे चार चरणों में कराये। इसके बावजूद चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस की मांग पर कोई ध्यान नहीं दिया।

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ममता ने चुनाव आयोग पर बीजेपी के इशारो कर काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव आयोग ने तब तक कोई एक्शन नहीं लिया जब तक कोरोना को लेकर हाहाकार नहीं मचने लगा।

क्या कहा है मद्रास हाईकोर्ट ने:

सोमवार को मद्रास हाईकोर्ट ने कोरोना की दूसरी लहर के लिए सीधे तौर पर चुनाव आयोग को ज़िम्मेदार ठहराते हुए कहा कि यदि चुनाव आयोग के अधिकारीयों के खिलाफ हत्या का मामला भी दर्ज किया जाए तब भी यह कम होगा।

इतना ही नहीं हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग द्वारा कोर्ट में दिए गए उस जबाव पर भी कड़ी फटकार लगाई, जिसमे चुनाव आयोग ने कहा कि चुनाव के दौरान कोरोना गाइडलाइन का पूरा पालन किया गया। कोर्ट ने आयोग को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि जब प्रचार हो रहा था, तब क्या चुनाव आयोग दूसरे ग्रह का चक्कर काट रहा था?

मद्रास हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग से कहा कि वह 2 मई को होने वाली मतगणना के लिए ब्लू प्रिंट तैयार करे और उसने मतगणना के दौरान कोरोना गाइडलाइन के पालन के लिए क्या तैयारियां की हैं, यह कोर्ट को बताये।

मद्रास हाईकोर्ट ने कड़ा रुख दिखाते हुए कहा कि यदि मतगणना के दिन दो मई को कोरोना संक्रमण से जुड़ी गाइडलाइन्स का पालन नहीं हुआ। उसका ब्लूप्रिंट नहीं तैयार किया गया, तो मतगणना पर प्रभाव पडेगा। मतगणना पर रोक लगाने का काम किया जाएगा।

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इतना ही नहीं मद्रास हाईकोर्ट ने अब चुनाव आयोग को निर्देश दिया है कि चुनाव आयोग हेल्थ सेक्रेटरी के साथ मिलकर मतगणना के लिए प्लान तैयार करे।हाईकोर्ट ने 30 अप्रैल तक पूरा ब्लूप्रिंट बनाकर चुनाव आयोग को लाने को कहा है।

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