विधायक दल की बैठक से पहले गहलोत ने चला दांव, पायलट को रोकने की कोशिश जारी

जयपुर। राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव लड़ने की संभावनाओं के बीच आज कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। बैठक अब से कुछ देर में शुरू होगी।

वहीँ विधायक दल की बैठक से पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने करीबी मंत्रियों और विधायकों से गुप्त चर्चा की। सूत्रों की माने तो इस बैठक में करीब 20 विधायक मंत्री शामिल थे। इस बैठक के बाद गहलोत समर्थक सचिन पायलट के खिलाफ खुलकर सामने आ गए हैं।

गहलोत के कांग्रेस अध्यक्ष बनने की स्थिति में नए मुख्यमंत्री के सवाल पर गहलोत सरकार में मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पार्टी अध्यक्ष बनने के बाद CM बदलने की बात होगी। 102 विधायकों में से कोई भी मुख्यमंत्री बन सकता है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अशोक गहलोत इसका फैसला करेंगे।

इससे पहले आज मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सचिन पायलट का नाम लिए बिना राजस्थान के नए मुख्यमंत्री को लेकर सवाल दागे। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि वह 40 सालों तक संवैधानिक पदों पर रहे और चाहते हैं कि अब नयी पीढ़ी को मौका मिले। उन्होंने यह भी कहा कि अगला विधानसभा चुनाव ऐसे व्यक्ति के नेतृत्व में लड़ा जाना चाहिए जिससे राजस्थान में कांग्रेस सरकार फिर से सत्ता में आ सके।

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फिलहाल माना जा रहा है कि आज विधायक दल की बैठक में राजस्थान में नया मुख्यमंत्री तय करने का अधिकार कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को दिया जा सकता है। जहां तक सचिन पायलट का सवाल है वे कभी से राजस्थान का मुख्यमंत्री बनने की आस लिए बैठे हैं।

पायलट एक बार मुख्यमंत्री गहलोत के खिलाफ बगावत कर चुके हैं। वे अपने कई समर्थक विधायकों के साथ करीब दो सप्ताह तक रिसॉर्ट में भी रहे थे। अंततः कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी के आश्वासन के बाद पायलट वापस लौटे थे और गहलोत सरकार बाल बाल बची थी।

इसलिए माना जा रहा है कि इस बार सचिन पायलट की दावेदारी में पहले से ज़्यादा दम है और उन्हें मुख्यमंत्री बनाने के लिए गांधी परिवार भी आपने वादा निभाएगा।

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