कमलनाथ का आरोप: मौत के आंकड़े छिपाकर अपनी पीठ थपथपा रहे शिवराज

भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने प्रदेश की शिवराज सिंह सरकार पर कोरोना से हुई मौत का आंकड़ा छिपाने का आरोप लगाया है। कमलनाथ ने दावा किया कि कोरोना से हुई मौतों को लेकर प्रदेश सरकार जो आंकड़ा बता रही है उससे कई गुना ज़्यादा मौतें हुई हैं।

वर्चुअल प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दावा किया कि मध्यप्रदेश में इस साल मार्च-अप्रैल में कुल 1,27,503 लोगों की मौत हुई हैं। इनमें से कोविड-19 से मरने वालों की संख्या 1,02,002 है।

कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को चुनौती देते हुए यह भी कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इसका खंडन करें कि इस साल मार्च-अप्रैल में 1,27,503 शव राज्य के श्मशान घाटों एवं कब्रिस्तानों में नहीं आए हैं।

उन्होंने कहा कि मैंने मुख्यमंत्री चौहान से व्यक्तिगत रूप से कहा है कि मुझे मरने वालों के आंकड़े दो। आप कोविड-19 से मौत किसे मानते हो? आप लाशें गिन लो। इसमें एक दिन लगता है।

कमलनाथ ने कहा कि पिछले 10 दिन में प्रदेश के लिंघा गांव में 15 लोग मर गए। लेकिन कलेक्टर कह रहा है कि इस गांव में केवल दो लोग ही मरे। ये तो मैं अपने आंख एवं कानों से सुनकर आ रहा हूं। यही हालत मध्य प्रदेश के सारे गांवों में है। उन्होंने राज्य में महामारी से मरने वालों के लिए अनुग्रह राशि एक लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने की मांग की।

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पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन साल पहले कितने लोग मरते थे और आज कितने मर रहे हैं। इसी के औसत से पता चल जाएगा कि प्रदेश में कितने लोग कोरोना से मरे हैं।

कमलनाथ ने कहा कि पिछले दो महीनों में मध्य प्रदेश के 26 जिलों में हुई मौतों के बारे में अखबारों में छपा है। बाकी (26 जिलों के) के आंकड़े मैंने निकाले हैं कि कितनी लाशें गांव, पंचायत, कस्बों एवं शहरों के श्मशान घाटों एवं कब्रिस्तानों में पहुंची हैं। उन्होंने कहा कि मैं लाशें गिन रहा हूं। 80 प्रतिशत लोग कोविड-19 से मर रहे हैं।

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