आपदा को अवसर बना रहे लोगों पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार से पूछा ‘क्यों नहीं लिया एक्शन’

नई दिल्ली। कोरोना महामारी के बीच ऑक्सीजन की कालाबाज़ारी पर दिल्ली हाईकोर्ट ने कड़ा रुख दिखाया है। कोर्ट ने ऑक्सीजन ब्लैक में बेचे जाने पर कड़ी नाराज़गी जताते हुए कहा कि पीड़ित लोगों को मजबूर होकर वो ऑक्सीजन सिलिंडर ब्लैक में लाखों रुपये देकर खरीदना पड़ रहा है, जिसकी कीमत कुछ सौ रुपये हैं।

इतना ही नहीं हाईकोर्ट ने सवाल किया कि ऐसे लोगों के खिलाफ कार्यवाही करने के लिए दिल्ली सरकार के पास पर्याप्त शक्ति है। ऑक्सीजन ब्लैक में बेचने वालो के खिलाफ दिल्ली सरकार ने कार्यवाही क्यों नहीं की।

इतना ही नहीं दिल्ली उच्च न्यायालय ने उन ऑक्सीजन सिलिंडर आपूर्तिकर्ताओं को अवमानना नोटिस जारी किया जो आज सुनवाई के दौरान उपस्थित नहीं थे। कोर्ट का कहना है कि हमें आश्चर्य है कि दिल्ली सरकार द्वारा पारित आदेश को आपूर्तिकर्ताओं ने ध्यान में नहीं रखा।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली सरकार से कहा कि कल सुबह 10 बजे ऑक्सीजन आपूर्तिकर्ताओं के साथ लिक्विड और गैसीय ऑक्सीजन के स्टॉक की स्थिति को मेंशन करते हुए एफिडेविट फाइल करें। दिल्ली हाईकोर्ट ने ऑक्सीजन आपूर्तिकर्ताओं से कहा कि हमारा आत्मविश्वसास हिल गया है, आप अपना काम ठीक से करें

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अशोका होटल में दिल्ली उच्च न्यायालय के जजों, अन्य न्यायिक अधिकारियों और उनके परिवारों के लिए 100 कमरों का कोविड केयर सेंटर बनाने के दिल्ली सरकार के फैसले पर हाईकोर्ट ने कहा कि इस तरह के आदेश न्यायपालिका के बारे में गलत छवि बनाते हैं।

गौरतलब है कि देश में कोरोना संकम्रण मामलो में हुई तेजी से बढ़ोत्तरी के बीच देश के कई राज्यों में ऑक्सीजन की किल्ल्त और ब्लैक में ऑक्सीजन सिलेंडर बिकने के मामले सामने आये हैं।

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