CM केजरीवाल शुरू करेंगे देश का पहला वर्चुअल स्कूल, जानिए क्या होता है!

नई दिल्ली: आज सीएम केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए लोगों को यह संदेश दिया कि आज मैं एक शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी काम करने जा रहा हूं. जो पिछले 75 सालों में कोई सरकार नहीं कर पाई। सीएम केजरीवाल ने कहा आज हम देश का पहला वर्चुअल स्कूल चालू करने जा रहे हैं। जिस का ऐलान केजरीवाल ने 1 साल पहले ही कर दिया था। अब उसे चालू करने का समय आ गया है।

सीएम केजरीवाल ने कहा कि आज देश की राजधानी में ऐसी जगह मौजूद हैं जहां से स्कूल बहुत दूर जाना पड़ता है या बीच में नदी पार करके जाना पड़ता है जिससे हमारे देश में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है लेकिन आज उसी का समाधान करने के लिए हम देश में पहला वर्चुअल स्कूल बनाने जा रहे हैं जिससे प्रत्येक बच्चा अपने घर पर रहकर एक अच्छी शिक्षा ले सकेगा।

वे बच्चे जो कम उम्र में ही काम पर लग जाते हैं स्कूल जाने का उन्हें मौका नहीं मिल पाता पाता यह स्कूल उनके लिए बहुत लाभदायक होने वाला है। पिछले साल कोरोनावायरस समय में जब स्कूल बंद थे तब वर्चुअल क्लास से लगा करती थी। उनकी वर्चुअल की लाशों से प्रेरणा लेकर हम लोगों ने यह वर्चुअल स्कूल शुरू किया है। सीएम ने कहा कि बच्चों को स्कूल में फिजिकली आना तो चाहिए लेकिन जिन बच्चों को किसी भी कारणवश स्कूल मुहैया नहीं हो पाता है उन तक शिक्षा पहुंचाने का यह एक बेहतरीन तरीका है।

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इस प्रक्रिया में सभी विषय ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई जाएंगे। जिन बच्चों को समय पर ऑनलाइन पढ़ाई करने का समय नहीं मिलेगा वह बच्चे रिकॉर्डेड क्लास को पढ़ सकेंगे। इस स्कूल का नाम दिल्ली सरकार ने “(DMVS) दिल्ली मॉडल वर्चुअल स्कूल” के नाम से रखा है। यह स्कूल नौवीं क्लास से 12वीं क्लास तक होगा। लेकिन इसमें अभी नौवीं क्लास में प्रवेश लेने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

सीएम केजरीवाल ने आगे कहा कि इस स्कूल में सिर्फ दिल्ली के बच्चे ही नहीं बल्कि पूरे देश के बच्चे पढ़ाई कर सकते हैं। स्कूल में रजिस्ट्रेशन करने के लिए वेबसाइट www.dmvs.ac.in पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होगा। यह स्कूल दिल्ली बोर्ड एजुकेशन से मान्यता प्राप्त होगा। इसमें पढ़ाई के साथ-साथ में 11वीं तथा 12वीं के बच्चों को गेट, नीट आदि कंपटीशन की परीक्षाओं की तैयारी भी कराई जाएगी। कंपटीशन की तैयारी के लिए अलग-अलग विषय के एक्सपर्ट को भी बुलाया जाएगा।

इसमें बच्चों को स्कूलिंग प्लेटफार्म पर जाकर आईडी पासवर्ड से लॉगिन करना होगा जिससे बच्चा ऑनलाइन क्लास में जुड़ सकेगा। इसके बाद बच्चा रिकॉर्डिंग वीडियो भी देख सकता है तथा पढ़ाई से रिलेटेड सभी विषय की एक डिजिटल लाइब्रेरी ओपन कर सकता है जिसमें अलग-अलग विषय के बारे में भरपूर ज्ञान मिलेगा।

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