आरएसएस भी चरमपंथी संगठन, इस पर लगनी चाहिए थी पाबंदी: लालू

नई दिल्ली। पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया (पीएफआई) पर प्रतिबंध लगाने के सरकार के फैसले पर टिप्पणी करते हुए बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने आरएसएस को भी कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने आरएसएस को हिन्दू चरमपंथी संगठन बताया।

लालू प्रसाद यादव ने कहा कि पीएफआई से पहले आरएसएस पर बैन लगना चाहिए था क्यों कि “यह आरएसएस है, जो हिंदू चरमपंथ (‘कट्टारपंथ’) को बढ़ावा देता है और यह पहले प्रतिबंधित होने के योग्य है।”

उन्होंने कहा कि आरएसएस पर दो बार पहले भी बैन लग चुका है। सनद रहे, सबसे पहले RSS पर प्रतिबंध लौह पुरुष सरदार पटेल ने लगाया था।

गौरतलब है कि पोपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया (पीएफआई) को सरकार ने गैर कानूनी संगठन करार देते हुए अगले 5 वर्ष के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। इतना ही नहीं केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा आतंकवाद विरोधी कानून के तहतपॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया और उसके कई सहयोगियों पर प्रतिबंध लगाया गया है।

देश के कई राज्यों में पीएफआई के कार्यालयों और इसके पदाधिकरियों के घरो पर छापेमारी की गई है और बड़ी तादाद में पीएफआई से जुड़े लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस बीच पीएफआई के महासचिव ने संगठन को भंग करने का एलान किया है।

पीएफआई पर प्रतिबंध के मुद्दे पर पत्रकारों से बात करते हुए लालू यादव ने एक बार फिर दोहराया कि 2024 में भारतीय जनता पार्टी का सफाया हो जायेगा। उन्होंने कहा कि 2024 में सभी गैर बीजेपी दल एकजुट होकर चुनाव लड़ेंगे।

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