ब्रेकिंग: पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह का इस्तीफा
चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस में चल रही कलह के बीच आज मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। पंजाब में आज शाम पांच बजे कांग्रेस विधायक दल की बैठक होनी थी लेकिन इस बैठक से पहले ही कैप्टेन अमरिंदर सिंह ने राज्यपाल को मुख्यमंत्री पद से अपना इस्तीफा सौप दिया।
अब पंजाब कांग्रेस विधायक दल की रविवार को फिर से 11 बजे बैठक होगी। बैठक में कांग्रेस के दोनों ऑब्जर्वर व पंजाब प्रभारी हरीश रावत मौजूद रहेंगे। इसी बैठक में विधायक दल के नेता के नाम का औपचारिक ऐलान होने की संभावना है।
वहीँ कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, कैप्टेन अमरिंदर सिंह को शनिवार को बुलाई गई कांग्रेस विधायक दल की बैठक में शामिल नहीं होने के लिए कहा गया था। जिसके बाद उन्होंने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया।
इस्तीफा देने के बाद कैप्टेन अमरिंदर सिंह ने कहा कि सांसदों को बुलाओ विधायकों को बुलाओ सीएलपी के नेताओं ने आज सुबह तीसरी बार बैठक की। मै सीएलपी का नेता हूं उन्होंने मुझे नहीं बताया। उनका संकेत था कि सीएलपी का कोई नया नेता चुनना चाहते हैं। मैंने सुबह सोनिया गांधी से बात की थी।
सिद्धू पर साधा निशाना:
वहीं मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद कैप्टेन अमरिंदर सिंह ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वो(नवजोत सिंह सिद्धू) मेरा मंत्री था और उसे निकालना पड़ा। 7 महीने तक अपनी फाइलें क्लियर नहीं की। क्या इस तरह का व्यक्ति जो एक विभाग नहीं संभाल सकता वो एक राज्य संभाल सकता है?
उन्होंने कहा कि सिद्धू तो बाजवे का साथ है, इमरान खान के साथ है। रोज़ हमारे कश्मीर में जवान मारे जा रहे हैं। आपको लगता है मैं सिद्धू(नवजोत सिंह सिद्धू) के नाम को स्वीकार करूंगा?
कैप्टेन अमरिंदर सिंह ने कहा कि मैं जानता हूं पाकिस्तान के साथ कैसे इसका(नवजोत सिंह सिद्धू) संबंध है। पाकिस्तान का प्रधानमंत्री इसका दोस्त है, जनरल बाजवा के साथ इसकी दोस्ती है। उन्होंने नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब का मुख्यमंत्री बनाये जाने की संभावना के सवाल पर कहा कि ये कांग्रेस पार्टी का फैसला है अगर वे उसे(नवजोत सिंह सिद्धू) पंजाब मुख्यमंत्री का चेहरा बनाते हैं तो मैं इसका विरोध करूंगा क्योंकि ये राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा है।
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा, “मैंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया है। फ्यूचर पॉलिटिक्स हमेशा एक विकल्प होती है और जब मुझे मौका मिलेगा मैं उसका इस्तेमाल करूंगा। मैं कांग्रेस पार्टी में हूं और अपने साथियों से बात करूंगा। उसके बाद हम आगे की राजनीति के बारे में निर्णय लेंगे।”
