अमेठी: पंचायत चुनाव को लेकर पुलिस सतर्क, हर गांव पर पैनी नजर

अमेठी(राम मिश्रा)। उत्तर प्रदेश में हो रहे पंचायत चुनावो में सोमवार को जिले में त्रिस्तरीय पंचायत के चार पदों के लिए मतदान होगा। मतदान की तिथि नजदीक आते ही गांवों में गहमा-गहमी बढ़ गई है।

चुनाव को लेकर प्रधान पद के प्रत्याशियों में सबसे अधिक जोर आजमाइश चल रही है। वही पंचायत चुनाव को लेकर जिले की मुसाफिरखाना पुलिस सतर्क हो गई है।

पंचायत चुनाव में पक रही राजनीति की रणनीतियों पर नजर बनाने के लिए पुलिस प्रत्येक गांव की गतिविधियों पर पैनी नजर बनाए हुए है। कस्बे के हलचल से लेकर गांव की राजनीति से भी पुलिस रूबरू होकर जीरो टालरेंस के मकसद से काम करने में जुटी हुई है।

थाना प्रभारी निरीक्षक परशुराम ओझा प्रतिदिन टीम के साथ दिनभर की अपडेट व निरोधात्मक कार्रवाई भी कर रहे हैं। पुलिस थाना क्षेत्र के गांव के सभी विवादों के समय पर निस्तारण के लिए सभी गतिविधियों पर मास्टर प्लान बनाकर निगरानी रख रही है। इसमें बीट सिपाही से लेकर गांव के चौकीदार व अन्य मुखबिरों की मदद भी ली जा रही है।

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वही पहले चुनावी रणनीति को लेकर होने वाली बैठकें बेधड़क आयोजित हो रही थीं लेकिन जब से जिले में कर्फ्यू की घोषणा हुई प्रत्याशियों की धड़कन भी बढ़ गई है। पुलिस के आ जाने का भय भी उन्हें व बैठक में आने वाले ग्रामीणों को सता रही है। विपक्षी की ओर से शिकायत करने का खतरा भी बन रहा है। सूत्रों के मुताबिक है कि प्रशासनिक कार्रवाई के भय के साये में प्रत्याशी चोरी-छिपे रात की इन बैठकों को आयोजित करते हैं।

प्रभारी निरीक्षक मुसाफिरखाना परशुराम ओझा ने बताया कि पंचायत चुनाव को लेकर लगातार गांव के प्रत्येक अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर उन्हें विवाद से दूर रहकर समस्याओं के समाधान कराने व कोविड 19 की गाइड लाइन का पालन करने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

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