इजराइल के खिलाफ मुस्लिम देशो की अगुवाई करना चाहता है पाकिस्तान

नई दिल्ली(इंरनेशनल डेस्क)। इजराइल और फिलिस्तीन मामले में इजराइल के खिलाफ मुस्लिम देशो को एकजुट करने की पहल कर रहा पाकिस्तान, मुस्लिम देशो की एकजुटता की अगुवाई करना चाहता है।

तुर्की पहुंचे पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन से मुलाकात के बाद कहा कि दोनों देशो के बीच इजराइल और फिलिस्तीन संघर्ष को लेकर सकारात्मक चर्चा हुई है।

हालांकि कुरैशी ने फिलिस्तीन के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कोई सहमति न बनने और अमेरिका द्वारा वीटो का इस्तेमाल करने पर निराशा ज़ाहिर की।

उन्होंने मीडिया से कहा कि फिलिस्तीनियों लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कोई सहमति नहीं बन पाई, यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। सुरक्षा परिषद में अमेरिका की वीटो यानी असहमति के चलते इजरायल के खिलाफ निंदा को लेकर बयान जारी नहीं किया जा सका। कुरैशी के बयान को अमेरिका के रुख के खिलाफ माना जा रहा है।

तुर्की के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी अमेरिका के लिए रवाना हो गए हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका द्वारा वीटो पावर के इस्तेमाल कारण कोई साझा बयान भी नहीं जारी किया जा सका। मगर अब संयुक्त राष्ट्र की आम सभा से उम्मीद है। उन्होंने कहा कि ये सही बात है कि संयुक्त राष्ट्र के पांच स्थायी सदस्य देशों के पास वीटो पावर है लेकिन जनसमर्थन उस पर भारी पड़ेगा। जनशक्ति सबसे बड़ी शक्ति होती है।

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उन्होंने अमेरिका की आलोचना करते हुए कहा कि अगर जनसमर्थन से सरकारें बदल सकती हैं तो वीटो पावर वालों को भी विचार करना होगा। मैं ये कह रहा हूं कि लोग मानवाधिकारों पर भरोसा करते हैं। उन्होंने इजराइल के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने के लिए चीन की भी सरहना की।

क्या बिगड़ रहे हैं इजरायल-अमेरिका के रिश्ते:

वहीँ अब अंतर्राष्ट्रीय मीडिया में इस तरह की खबरें भी आ रही हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने गाजा में हमास के खिलाफ इजराइल के सैन्य हमलों को रोकने के लिए इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से कहा था।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन ने इजराइल के प्रधानमंत्री को फोन कर गाजा मामले में संयम बरतने की सलाह दी थी। व्हाइट हाउस के मुताबिक, बाइडेन ने नेतन्याहू को फोन कर बुधवार को कहा कि वह दिन समाप्त होने तक लड़ाई में ‘महत्त्वपूर्ण रूप से कमी’ की उम्मीद कर रहे हैं। लेकिन इजराइल के प्रधानमंत्री तुरंत एक सार्वजनिक घोषणा के साथ सामने आए कि वह गाजा अभियान को ‘जारी रखने के लिए दृढ़ हैं, जब तक कि उसका लक्ष्य प्राप्त न कर लिया जाए।’

नेतन्याहू ने यह जरूर कहा कि वह, ‘अमेरिकी राष्ट्रपति के समर्थन की सराहना’ करते हैं लेकिन फिर भी कहा कि इजरायल आगे बढ़ेगा। वहीँ कहा जा रहा है कि इजराइल के प्रधानमंत्री द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की अपील को अनसुना करने को लेकर दोनों देशो के संबंधो में दरार पैदा हो चुकी है।

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