नारायण राणे को देर रात मिली ज़मानत, विवादित टिप्पणी के लिए किये गए थे गिरफ्तार

मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लेकर की गई विवादित टिप्पणी मामले में गिरफ्तार किये गए केंद्रीय मंत्री नारायण राणे को ज़मानत मिल गई है। नारायण राणे की ज़मानत को महाड के ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत ने मंजूरी दी है।

नारायण राणे को 15 हज़ार के निजी मुचलके पर ज़मानत मिली है। हालांकि कोर्ट ने ज़मानत देते हुए कुछ शर्तें भी लगाई हैं। इतना ही नहीं कोर्ट ने राणे को चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में वे ऐसी गलती नहीं दोहराएंगे। देर रात हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने नारायण राणे को 7 दिनों की पुलिस कस्टडी में भेजने की मांग ठुकरा दी।

कोर्ट ने नारायण राणे की ज़मानत अर्ज़ी स्वीकार करते हुए कहा कि नारायण राणे का ऑडियो सैंपल लिया जाएगा लेकिन वॉयस सैंपल लेना हो तो राणे को 7 दिनों पहले नोटिस दिया जाएगा। इतना ही नहीं कोर्ट ने ज़मानत के लिए रखी गई अपनी शर्तो में यह शर्त भी रखी कि नारायण राणे दो दिन (30 अगस्त और13 सितंबर) रायगढ़ अपराध शाखा में जाकर हाजिरी देनी होगी।

क्या है मामला:

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केंद्रीय मंत्री नारायण राणे ने सोमवार को रायगढ़ जिले से सटे अपनी जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान कहा था कि यह शर्मनाक है कि मुख्यमंत्री को आजादी का साल नहीं पता। अपने भाषण के दौरान आजादी के वर्ष जानने के लिए उन्हें अपने सहयोगियों की ओर झुकना पड़ा। मैं वहां होता तो उन्हें एक जोरदार तमाचा मार देता।

नारायण राणे की विवादित टिप्पणी के लिए उन्हें महाराष्ट्र के रत्नागिरी से उस समय गिरफ्तार किया गया जब वे भोजन कर रहे थे। राणे की गिरफ्तारी के लिए पहुंचे एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से राणे के समर्थको की कहा सुनी भी हुई।

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