ममता बनर्जी भवानीपुर से लड़ेंगी विधानसभा उपचुनाव

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मंत्री शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने शुक्रवार को भवानीपुर विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने आज विधानसभा में अपना इस्तीफा विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी को सौंप दिया। शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने भवानीपुर में बीजेपी के उम्मीदवार रूद्रनील घोष को 50 हजार से अधिक वोट से पराजित किया था।

शोभनदेव ने कहा कि इस सीट को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए स्वतः ही छोड़ा है। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि यह फैसला उन्होंने स्वेच्छा से लिया है या फिर यह टीम का फैसला है।

शुक्रवार को विधानसभा से इस्तीफा देने के दौरान शोभनदेव ने कहा, “मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को छह महीने के भीतर चुना जाना है. मैं उनके ही सीट से जीता हूं। ममता हमारी मुख्यमंत्री हैं और उन्हें फिर से निर्वाचित होना है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत में बरुईपुर सीट से चुनाव लड़ कर की थी। बाद में उन्हें रासबिहारी सीट से टिकट दिया गया था और इस बार पार्टी ने उन्हें भवानीपुर से टिकिट दिया था।

शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने कहा कि उन्होंने कभी विरोध नहीं किया. मुझे कोई पछतावा नहीं है. मैं लंबे समय से पार्टी का वफादार सिपाही हूं. ममता तय करेंगी कि उनका राजनीतिक भविष्य क्या होगा ? विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने शोभनदेव चट्टोपाध्याय का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।

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विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने कहा कि उन्होंने उनसे पूछताछ की थी और मैं पूरी तरह से आश्वस्त हूं कि वह अपनी ईच्छा से इस्तीफा दे रहे हैं। उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है। ममता बनर्जी साल 2011 और साल 2016 में भवानीपुर से ही निर्वाचित हुईं थी।

गौरतलब है कि पिछले दो चुनाव विधानसभा से लड़ने के बावजूद ममता बनर्जी इस बार विधानसभा चुनाव नंदीग्राम से लड़ा था, लेकिन चुनाव में हैट्रिक जीत और 213 सीटों पर जीत हासिल करने के बावजूद नंदीग्राम में बीजेपी नेता और पूर्व सिपहसलार शुभेंदु अधिकारी से 1956 वोट से हार गई थीं।

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