पीएम तक पहुंचा रामदेव का मामला: IMA ने की रामदेव के खिलाफ देशद्रोह के मुकदमे की मांग

नई दिल्ली। एलोपैथी चिकित्सा पद्धति पर बाबा रामदेव के विवादित बयान का मामला अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंच गया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर बाबा रामदेव के खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा चलाये जाने की मांग की है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे गए पत्र में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने कहा है कि पतंजलि के मालिक रामदेव के टीकाकरण पर गलत सूचना के प्रचार को रोका जाना चाहिए। इतना ही नहीं आईएमए ने लिखा है कि एक वीडियो में रामदेव ने दावा किया कि वैक्सीन की दोनों खुराक लेने के बाद भी 10,000 डॉक्टर और लाखों लोग मारे गए हैं। जो सरासर झूठा और बदनाम करने वाला है। इसलिए रामदेव पर राजद्रोह के आरोपों के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।

पत्र में कहा गया है कि देश में 20 करोड़ कोरोना वैक्सीन लगाई जा चुकी हैं और आईएमए टीकाकरण अभियान को दूर-दूर तक पहुंचाने की पूरी कोशिशों में लगा हुआ है। वैक्सीन को लेकर लोगों में जो हिचक थी, उसको भी आईएमए ने दूर करने की कोशिश की है।

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पीएम नरेंद्र मोदी को संबोधित इस पत्र में आईएमए ने लिखा कि वैक्सीन के साइड इफेक्ट सिर्फ 0.06 फीसदी लोगों में देखने को मिले हैं। पत्र में पीएम मोदी का शुक्रिया करते हुए कहा गया है कि वे खुद भी टीकाकरण के प्रति लोगों को जागरूक करने का काम कर रहे हैं।

पत्र में आगे लिखा गया कि यह बात बखूबी साबित हो गई है कि वैक्सीन से हमारे लोगों की जान बच सकती है और देश में गंभीर संक्रमण के मामलों में कमी आ सकती है।

पत्र में रामदेव को लेकर कहा गया है कि बेहद दुख के साथ हम ये आपके संज्ञान में लाना चाहते हैं कि एक वीडियो में दावा किया गया है कि कोरोना वैक्सीन की दोनों खुराक लेने के बावजूद भी 10,000 डॉक्टरों की मौत हो गई और एलोपैथिक दवाओं के चलते लाखों लोगों की मौत हो गई वह सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जो कि पतंजलि प्रोडक्ट्स के मालिक रामदेव का है।

रामदेव को 1000 करोड़ की मानहानि का नोटिस:

इससे पहले इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) उत्तराखंड ने बाबा रामदेव को 1000 करोड़ की मानहानि का नोटिस भेजा है। नोटिस में रामदेव से अगले 15 दिन में उनके बयान का खंडन वीडियो और लिखित माफी मांगने का भी अल्‍टीमेटम दिया गया है।

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आईएमए उत्तराखंड की तरफ से भेजे गए मानहानि के नोटिस में कहा गया है कि अगर रामदेव अगर 15 दिन के अंदर खंडन वीडियो और लिखित माफी नहीं मांगते हैं तो उनसे 1000 करोड़ रुपये की मांग की जाएगी।

इतना ही नहीं आईएमए के नोटिस में रामदेव से 72 घंटे के अंदर कोरोनिल किट के भ्रामक विज्ञापन को सभी स्थानों से हटाने के लिए भी कहा है। रामदेव ने दावा किया था कि कोरोनिल कोविड वैक्सीन के बाद होने वाले साइड इफेक्ट पर प्रभावी है।

आईएमए उत्तराखंड की तरफ से जारी नोटिस में बाबा रामदेव को चेतावनी देते हुए कहा गया है कि अगर वे सोशल मिडिया से अपने बयान को डिलीट या फिर हटाते नहीं हैं तो आईएमए उन पर एक हजार करोड़ के मानहानि का दावा ठोकेगी। बाबा राम देव को छह पेज का नोटिस दिया गया है।

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