शिष्या से दुष्कर्म मामले में पूर्व केंद्रीय गृहराज्य मंत्री चिन्मयानंद के खिलाफ गैर ज़मानती वारंट

नई दिल्ली। अपनी एक शिष्या से दुष्कर्म के मामले में पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ गैर ज़मानती वारंट जारी किया गया है। 2011 के इस मामले में अदालत में पेश न होने के कारण कोर्ट ने यह वारंट जारी किया है।

गौरतलब है कि 2011 में पूर्व केंद्रीय गृहराज्य मंत्री एवं मुमुक्षु आश्रम के संरक्षक स्वामी चिन्मयानन्द के खिलाफ उन्ही की एक शिष्य ने दुष्कर्म करने का मामला दर्ज कराया था।

वर्ष 2018 में योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा यह केस वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की गई थी लेकिन पीड़िता ने इस पर कड़ा एतराज जताते हुए कोर्ट का रुख किया था। इस पर कोर्ट ने केस वापस लेने की प्रक्रिया पर न सिर्फ रोक लगा दी थी बल्कि स्वामी चिन्मयानन्द के खिलाफ गैर ज़मानती वारंट भी जारी किया था।

स्वामी चिन्मयानन्द ने अपने खिलाफ कार्रवाही रुकवाने के लिए इलाहाबाद उच्च न्यायालय में अर्जी दायर की थी और उन्हें स्टे मिल गया था। इसके बाद उच्चा न्यायालय से पत्रावली शाहजहांपुर कोर्ट में पहुंची और इस केस में कार्रवाही में तेजी आई।

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दुष्कर्म के इस मामले में एमपी /एमएलए कोर्ट ने चिन्मयानन्द के खिलाफ गैर ज़मानती वारंट जारी किया था। आरोप है कि पूर्व गृह राज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानन्द ने न तो दुष्कर्म के केस में अपनी ज़मानत करवाई और न ही वे एमपी/एमएलए कोर्ट में हाजिर हुए।

शुक्रवार को चिन्मयानन्द के गैर ज़मानती वारंट को लेकर बहस होनी थी। इस मामले में कोर्ट ने स्वामी चिन्मयानन्द के खिलाफ पुनः गैर ज़मानती वारंट जारी कर दिया है।

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