कपिल सिब्बल के घर पर कांग्रेसियों का हुड़दंग: गुलामनबी आज़ाद और आनंद शर्मा ने निंदा की

नई दिल्ली। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल द्वारा पंजाब कांग्रेस में चल रही उठापटक को लेकर दिए गए बयान के बाद कोंग्रेसियों द्वारा कथित तौर पर सिब्बल के आवास के बाद प्रदर्शन और उपद्रव पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता गुलामनबी आज़ाद और आनंद शर्मा ने आपत्ति जताई है।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता गुलामनबी आज़ाद ने अपने फेसबुक पेज पर कहा, “कल रात कपिल सिब्बल के आवास पर हुई गुंडागर्दी की कड़ी निंदा करता हूँ । संसद के अंदर और बाहर दोनों पार्टी के लिए लड़ रहा है ये वफादार कांग्रेसी है । किसी भी क्वार्टर से कोई सुझाव दबाने के बजाय स्वागत किया जाना चाहिए, गुंडागर्दी अस्वीकार्य है!”

वहीँ वरिष्ठ कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कपिल सिब्बल के आवास पर कोंग्रेसियों के कथित हुड़दंग की निंदा करते हुए ‘पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से उपद्रव’ में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘कपिल सिब्बल के घर पर हमला और उपद्रव के बारे में सुनकर स्तब्ध और आहत हूं। इस निंदनीय कृत्य से पार्टी की बदनामी होती है। इसकी कड़ी भर्त्सना की जानी चाहिए।’’

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राज्यसभा में कांग्रेस के उपनेता शर्मा ने इस बात पर जोर दिया कि मतभिन्नता लोकतंत्र का हिस्सा है। उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से आग्रह है कि वह कड़ी कार्रवाई करें।’’

उल्लेखनीय है कि सिब्बल की ओर से पार्टी नेतृत्व पर सवाल खड़ा किये जाने के बाद पार्टी के कई कार्यकर्ताओं ने बुधवार को सिब्बल के आवास के बाहर प्रदर्शन किया और उनके खिलाफ नारेबाजी की।

सिब्बल के आवास के बाहर पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां ले रखी थीं जिन पर ‘गेट वेल सून सिब्बल’ (सिब्बल आप जल्द स्वस्थ हों) लिखा हुआ था। उन्होंने ‘गद्दारों को पार्टी से बाहर निकालो’ के नारे भी लगाए।

सिब्बल ने पार्टी की पंजाब इकाई में मचे घमासान और कांग्रेस की मौजूदा स्थिति को लेकर बुधवार को पार्टी नेतृत्व पर सवाल खड़े किए और कहा था कि कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक बुलाकर इस स्थिति पर चर्चा होनी चाहिए तथा संगठनात्मक चुनाव कराये जाने चाहिए।

उन्होंने कई नेताओं के पार्टी छोड़ने का उल्लेख करते हुए गांधी परिवार पर इशारों-इशारों में कटाक्ष किया कि ‘‘जो लोग इनके खासमखास थे वो छोड़कर चले गए, लेकिन जिन्हें वे खासमखास नहीं मानते वे आज भी इनके साथ खड़े हैं।’’ सिब्बल ने जोर देकर कहा, ‘‘हम ‘जी हुजूर 23’ नहीं हैं। हम अपनी बात रखते रहेंगे।’’

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