CBI की हिरासत अर्जी खारिज, ममता के 2 मंत्रियों सहित 4 नेताओं को मिली जमानत

कोलकाता। नारदा स्टिंग मामले में आज सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किये गए ममता बनर्जी सरकार के दो मंत्रियों सहित तृणमूल कांग्रेस के चार नेताओ को सीबीआई की विशेष अदालत से ज़मानत मिल गई है। कोर्ट ने सीबीआई की उस अर्ज़ी को भी ख़ारिज कर दिया जिसमे कोर्ट से चारो आरोपियों की हिरासत मांगी गई थी।

इससे पहले आज तृणमूल कांग्रेस नेताओं की सीबीआई द्वारा की गई गिरफ्तारी के खिलाफ दिनभर हाई वोल्टेज ड्रामा चला। तृणमूल कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सीबीआई दफ्तर पहुंच गई थीं। इसके बाद सीबीआई कार्यालय के बाद तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ जमा हो गई थी।

नारेबाजी कर रहे तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं को खदेड़ने के लिए पुलिस को हल्का लाठी चार्ज भी करना पड़ा। इस दौरान सीबीआई ने गिरफ्तार किये गए सभी तृणमूल कांग्रेस नेताओं को सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया।

वर्चुअल सुनवाई के दौरान सीबीआई ने 48 पेज की चार्जशीट दायर की। इस चार्जशीट में इन नेताओं के अलावा निलंबित आईपीएस अधिकारी एसएचएम मिर्जा का नाम भी शामिल है। सीबीआई के वकीलों ने अदालत में दलील दी कि गिरफ्तार नेता प्रभावशाली हैं, यदि उन्हें रिहा कर दिया गया, तो जांच प्रभावित हो सकती है। इसलिए आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा जाना चाहिए।

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वहीँ टीएमसी के नेताओं की ओर से वकील कल्याण बनर्जी ने पक्ष रखा और अदालत से कहा कि वर्तमान में कोविड परिस्थिति में यदि इन नेताओं को गिरफ्तार किया गया है, तो कोलकाता की स्थिति बिगड़ सकती है।

सीबीआई की विशेष अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने ममता बनर्जी को दो मंत्री सहित चारों नेताओं की हिरासत की अर्जी खारिज कर दी और जमानत देने का आदेश दिया है। 50 हजार रुपये के निजी बांड पर जमानत की मंजूरी दी गई।

वहीँ इससे पहले आज टीएमसी के नेता और वकील कल्याण बनर्जी ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना करते हुए गिरफ्तार किया गया है। विधानसभा अध्यक्ष से गिरफ्तारी के पहले अनुमति नहीं ली गई। राज्यपाल किसी भी रूप से गिरफ्तारी का आदेश नहीं दे सकते हैं। मंत्री अरुप रॉय ने कहा कि राज्यपाल बीजेपी के कैडर हैं। वह गिरफ्तारी का आदेश नहीं दे सकते हैं।

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