अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा ‘घोटाले की जांच पूरी होने तक ट्रस्ट से हटाए जाएं चंपत राय’

अयोध्या। राम मंदिर निर्माण के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा 18.5 करोड़ में खरीदी गई ज़मींन पर उठे सवालो को लेकर रामालय ट्रस्ट के अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि जब तक जांच पूरी न हो जाए तब तक श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डा अनिल मिश्र को हटा दिया जाए।

अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बुधवार को अयोध्या में कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए कई वर्षों से हमारे पूर्वज संघर्ष करते रहे हैं। सबकी इच्छा थी कि रामजन्मभूमि मुक्त हो, भव्य मंदिर बने यह कार्य शुरू भी हुआ तो बीच में राजनीतिक लोग आ गए हैं। यह ठीक नहीं है, हम लोग चाहते थे कि धर्म का कार्य है इसे धर्माचार्य ही करें।

उन्होंने आरोप लगाया कि जिन संतों ने राममंदिर की लड़ाई लड़ी, उन्हें ट्रस्ट में शामिल नहीं किया गया, भूमिपूजन में भी आमंत्रित नहीं किया गया। उस पर भी हम लोगों ने संतोष किया कि कुछ कार्य आगे बढ़े। लेकिन अब मंदिर बनाने के लिए भक्तों से जो पैसा लिया गया है उससे भ्रष्टाचार किया जा रहा है।

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उन्होंने कहा कि जिनको ट्रस्ट में जगह दी गई, उनका कोई हक नहीं बनता था। मंदिरों को तोड़ने व खरीदने की जगह रामनगरी के मंदिरों का ट्रस्ट को जीर्णोद्धार कराना चाहिए। इस दौरान अधिवक्ता रणजीत लाल वर्मा, महंत जन्मेजय शरण भी मौजूद रहे।

अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने ट्रस्ट पर मनमानी का आरोप लगाते हुए यह भी कहा कि मंदिर के पैसे से ही जमीन व मंदिर खरीदे जा रहे हैं। रामनगरी के कई पौराणिक मंदिरों को खरीदा व तोड़ा जा रहा है। जिससे रामकोट की पौराणिकता नष्ट हो रही है।

उन्होंने सवाल किया कि मंदिरों के अंदर की मूर्तियां कहां जा रही हैं, यह बड़ी चिंता का विषय है, इसलिए अब इनकी रक्षा करनी चाहिए। पौराणिक मंदिरों की रक्षा के लिए हम न्यायालय में वाद दाखिल करेंगे।

गौरतलब है कि योध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए खरीदी गई ज़मींन की कीमत को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने जिस ज़मीन को 18.5 करोड़ में खरीदा, वहीँ ज़मीन पांच मिनट पहले ही 2 करोड़ में खरीदा गया था।

दरअसल, सवाल इस बात को लेकर भी उठ रहे हैं कि जिस ज़मीन को पांच मिनट पहले दो करोड़ में खरीदा गया था, उसमे भी गवाह के तौर पर जिन दो व्यक्तियों (ट्रस्टी अनिल मिश्रा और मेयर ऋषिकेष उपाध्याय) के हस्ताक्षर हैं उन्ही दोनों व्यक्तियों को उसी ज़मीन को 18.5 करोड़ में खरीदने के लिए भी गवाह बनाया गया है।

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