पारस अस्पताल में 22 मरीजों की मौत: अखिलेश बोले ‘खुद के खिलाफ FIR दर्ज करे योगी सरकार’

लखनऊ। आगरा के पारस अस्पताल में कथित तौर पर आक्सीजन माकड्रिल में 22 मरीजों की मौत को लेकर जहां अस्पताल को सील कर अस्पताल संचालक के खिलाफ पर महामारी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वहीँ इस मामले को लेकर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधा है।

अखिलेश यादव ने आगरा के पारस अस्पताल की घटना को चिकित्सा व्यवस्था पर बदनुमा दाग बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार को इसकी जिम्मेदारी लेते हुये खुद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करानी चाहिये।

प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा, “आगरा के एक अस्पताल में ऑक्सीजन मॉकड्रिल में 22 लोगों की मौत की ख़बर बेहद दुःखद है। दिवंगतों को श्रद्धांजलि। ये घटना उत्तर प्रदेश की ‘चिकित्सा व्यवस्था’ पर एक बड़ा धब्बा है। शासन-प्रशासन द्वारा इस मामले को दबाना घोर आपराधिक कृत्य है। उप्र की भाजपा सरकार अब अपने ख़िलाफ़ एफआईआर करे।”

क्या है मामला:

आगरा के एक निजी अस्पताल के संचालक का एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें उसने पिछली 26 अप्रैल को माकड्रिल के नाम पर पांच मिनट के लिये आक्सीजन सप्लाई बंद की। आरोप है कि इसके चलते 22 मरीजों की मौत हो गयी थी।

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इस पूरी घटना पर लखनऊ से लेकर आगरा तक हड़कंप मचा हुआ है। लखनऊ से पूरी घटना की जांच की मॉनीटरिंग की जा रही है। अभी अस्पताल को सील किया गया है।

वायरल वीडियो में अस्पताल का संचालक कथित तौर पर ये कहते हुए सुना जा सकता है कि उसने अपने अस्पताल में ऑक्सीजन 5 मिनट के लिए बंद कर एक मॉक ड्रिल किया था। कथित तौर पर इसकी वजह से 22 कोविड मरीजों की मौत हो गई।

यह वीडियो 26 अप्रैल का बताया जा रहा है, जब यहां कोरोना संक्रमितों की काफी तादाद थी और कई लोगों की जान भी जा रही थी। लोकभारत इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता।

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