पंजाब के बाद अब छत्तीसगढ़ कांग्रेस में रार, 22 विधायक दिल्ली रवाना

नई दिल्ली। पंजाब में मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू के बीच पैदा हुई रार थमे हुए अभी ज़्यादा वक़्त भी नहीं हुआ कि अब छत्तीसगढ़ कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर रार पैदा हो गई है।

इस बीच कांग्रेस के लगभग 22 विधायक रायपुर से दिल्ली के लिए रवाना हुए हैं। कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई को बताया, “प्रदेश में हम भूपेश बघेल के नेतृत्व में जनता की सेवा कर रहे हैं। दिल्ली आलाकमान से यहां की स्थिती पर बात कर रहे हैं। सारे विधायक एकजुट हैं।”

वहीँ खबर यह भी है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम को दिल्ली तलब किया गया है। हालांकि खुद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम और प्रदेश कांग्रेस प्रभारी पीएल पुनिया ने ऐसी खबरों को निराधार बताया है।

गौरतलब है कि अभी हाल ही में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल दिल्ली में पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मिले थे। इस मुलाकात के बाद भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ में किसी तरह के नेतृत्व परिवर्तन के कयासों को ख़ारिज करते हुए कहा कि जो लोग ढाई ढाई साल के मुख्यमंत्री की बात करते हैं वे सरकार को अस्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं।

सीएम भूपेश बघेल के बाद छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव भी गुरुवार को दिल्ली पहुंचे। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हाई कमांड तय करता है कि पार्टी में किसको क्या काम करना है। कोई व्यक्ति किसी टीम में खेलते है तो क्या कप्तान बनने की बात दिमाग में नहीं आती, हर आदमी के मन में ये बात आती है।

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अपने दिल्ली दौरे के दौरान छत्तीसगढ़ में ढाई-ढाई साल मुख्यमंत्री के फॉर्मूले पर बोलते हुए टीएस सिंह देव ने कहा कि ढाई साल के फॉर्मूले की बात तो पार्टी ने कभी भी नहीं कही। मीडिया में बात चल रही थी।

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