चौतरफा घिरे रामदेव, बंगाल में भी एफआईआर दर्ज
कोलकाता। एलोपैथी चिकित्सा पद्धति पर ऊलजलूल बयान देकर फंसे योग गुरु रामदेव चौतरफा घिरे रामदेव के लिए एक और परेशानी खड़ी हो गई है। रामदेव के खिलाफ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की बंगाल इकाई ने भी एफआईआर दर्ज कराई है।
बाबा रामदेव के खिलाफ यह एफआईआर उनके उस बयान के लिए दर्ज कराई गई है जिसमे उन्होंने कहा है कि मार्डन मेडिसिन और एलोपैथी कोरोना का इलाज नहीं कर सकते। डॉ शांतनु सेन ने यह मामला दर्ज कराया है।
पुलिस में शिकायत दर्ज कराने वाले डॉ शांतनु सेन ने कहा है कि हाल में बाबा रामदेव के बयान से विवाद पैदा हुआ है। उन्होंने कहा है कि मार्डन मेडिसन की वजह से कोरोना पीड़ित मरीजों की ज्यादा मौतें हुई हैं।
उन्होंने कहा कि कोरोना वैक्सीन की दो डोज के बावजूद लगभग 10 हजार डॉक्टरों की मौत हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस महामारी के बीच वह समाज में असमंजस पैदा कर रहे हैं. यह गंभीर अपराध है। उन्होंने कहा कि वह न केवल मार्डन मेडिसीन का नाम खराब कर रहे हैं, वरन जान की बाजी लगाकर देश की सेवा कर रहे डॉक्टरों का भी असम्मान किया है। इस कारण उनके खिलाफ एफआईआर दायर किया और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
इससे पहले कल इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने बाबा रामदेव के खिलाफ दिल्ली के लोधी स्टेट थाने में महामारी रोग अधिनियम 1897, आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत और कानून के अन्य सभी प्रासंगिक प्रावधानों के तहत अपराध करने के लिए दिल्ली के एस्टेट थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
इतना ही नहीं इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने बाबा रामदेव को सौ करोड़ की मानहानि का नोटिस भेजकर 15 दिनों में लिखित माफ़ी मांगने की बात कही है। इस मामले में आईएमए रामदेव के खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा दर्ज करने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी को भी पत्र लिख चुका है।
