सावरकर को भारत रत्न देने के बीजेपी के वादे पर मनीष तिवारी का सवाल “गोडसे को क्यों नहीं”

सावरकर को भारत रत्न देने के बीजेपी के वादे पर मनीष तिवारी का सवाल “गोडसे को क्यों नहीं”

नई दिल्ली। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी द्वारा अपने चुनावी घोषणा पत्र में वीर सावरकर को भारत रत्न देने के वादे पर कांग्रेस ने सवाल किया है।

कांग्रेस सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने सवाल किया कि बीजेपी महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को यह सम्मान देने की मांग क्यों नहीं करती?

कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने नागपुर में कहा कि सावरकर पर महात्मा गांधी हत्याकांड में साजिश में शामिल होने के आरोप में मुकदमा चला था, भले ही बाद में वह बरी हो गए थे। उन्होंने कहा कि एक जांच आयोग ने पाया था कि सावरकर और उनके कुछ सहयोगियों को संभवतः इस साजिश के बारे में पहले से ही जानकारी थी।

मनीष तिवारी ने कहा कि महात्मा गांधी के 150वें जयंती वर्ष में क्या एनडीए-भाजपा सरकार किसी ऐसे व्यक्ति को सम्मानित करने जा रही है, जिसने महात्मा गांधी की हत्या का प्रयास किया था।

उन्होंने कहा कि 1969 में, जब कपूर आयोग का गठन किया गया था, इसमें संभवतः पाया गया कि सावरकर और उनके कुछ अन्य सहयोगियों के पास 30 जनवरी, 1948 को हुई घटना की पहले से ही जानकारी थी। यदि यह सब सही है तो सरकार को गंभीरता से सोचने की जरूरत है कि वे किस रास्ते पर जा रहे हैं।

दिग्विजय बोले महात्मा गांधी की हत्या की साजिश में शामिल थे सावरकर:

वहीँ दूसरी तरफ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने बीजेपी को आड़े हाथो लेते हुए कहा कि वीर सावरकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या की साजिश में शामिल थे।

उन्होंने कहा कि वीर सावरकर के जीवन के दो पहलू थे, पहले में उनका जेल से लौटने के बाद आजादी की लड़ाई में भागीदारी और दूसरे पहलू में उनका राष्ट्रपिता की हत्या में शामिल होना।

दिग्विजय ने कहा कि पहले पहलू में अंग्रेजों से माफी मांगने के बाद लौटने पर स्वाधीनता संग्राम में उनकी भागीदारी। दूसरे पहलू में, सावरकर का नाम महात्मा गांधी की हत्या के मामले में साजिश रचने वाले के तौर पर दर्ज किया गया था।

दिग्विजय ने कहा कि हमें भूलना नहीं चाहिए कि महात्मा गांधी की हत्या करने वाले षड्यंत्रकारियों की सूची में सावरकर का नाम भी था। वह तो माफी मांग कर लौट आए थे।

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TeamDigital