लॉकडाउन में 27.11 फीसदी के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची बेरोजगारी

लॉकडाउन में 27.11 फीसदी के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची बेरोजगारी

नई दिल्ली। लॉकडाउन के चलते देशभर में कामकाज ठप्प होने के कारण बेरोज़गारी दर बढ़कर रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गई है। सबसे ज़्यादा बेरोज़गारी पुडुचेरी, हरियाणा, झारखंड, बिहार और तमिलनाडु में दर्ज की गई है। इन राज्यों में लॉकडाउन के चलते बड़ी तादाद में लोगों को नौकरियों से हाथ धोना पड़ा है।

सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक 3 मई को खत्म सप्ताह में भारत की बेरोजगारी दर 27.11 फ़ीसदी दर्ज हुई है। लॉकडाउन से पहले मार्च के मध्य में बेरोजगारी दर सात फ़ीसदी से भी कम थी। सीएमआईई के अनुसार शहरी इलाकों में बेरोजगारी दर गांव की तुलना में अधिक है।

शहरों में यह 29.22 फ़ीसदी और ग्रामीण इलाकों में 26.69 फ़ीसदी दर्ज की गई है। गौरतलब है कि लॉकडाउन के तीसरे चरण में देश को रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन में बांटा गया है। सबसे ज्यादा रेड जोन शहरी इलाकों में ही हैं।

सीएमआईई के अनुसार मार्च में बेरोजगारी दर 8.74 फ़ीसदी और अप्रैल में 23.52 फ़ीसदी रही है। राज्यवार देखें तो अप्रैल में सबसे ज्यादा बेरोजगारी दर पुडुचेरी में 75.8 फ़ीसदी रही। इसके बाद तमिलनाडु में 49.8 फ़ीसदी, झारखंड में 47.1 फ़ीसदी, बिहार में 46.6 फ़ीसदी, हरियाणा में 43.2फ़ीसदी, कर्नाटक में 29.8 फ़ीसदी, उत्तर प्रदेश में 21.5 फ़ीसदी और महाराष्ट्र में 20.9 फ़ीसदी दर्ज हुई है। पर्वतीय राज्यों में यह अपेक्षाकृत कम है। उत्तराखंड में बेरोजगारी की दर 6.5 फ़ीसदी, सिक्किम में 2.3 फ़ीसदी और हिमाचल प्रदेश में 2.2 फ़ीसदी रही है।

हालांकि बेरोज़गारी बढ़ने का मामला सिर्फ भारत में ही नहीं है। लॉकडाउन के चलते दुनिया के कई अन्य देशो में भी बेरोज़गारी का आंकड़ा बढ़ा है। कोरोना के कहर के चलते अमेरिका के भी ज्यादातर राज्यों में लॉकडाउन है। इस वजह से वहां भी बेरोजगारी दर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। वहां करीब तीन करोड़ लोगों ने बेरोजगारी भत्ते के लिए आवेदन किया है। वहां छोटी कंपनियों को वेतन देने में मदद के लिए सरकार ने करीब 360 अरब डॉलर के पैकेज की घोषणा की है।

देश में लॉकडाउन से उत्पन्न स्थति को लेकर पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज नोबेल विजेता अभिजीत बनर्जी तथा इससे पहले रिज़र्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन से संवाद किया था। दोनों ही लोगों का साफतौर पर कहना था कि गरीब परिवारों को मदद देकर आगे बढ़ाना पड़ेगा, जिससे वे लॉकडाउन में हुए नुकसान से बाहर निकल पाएं। दोनों ही प्रमुख अर्थशास्त्रियों ने इस बात का समर्थन किया कि सरकार को लोअर और अपर मिडिल क्लास को भी मदद देनी चाहिए।

नोबेल विजेता अभिजीत बनर्जी ने आज राहुल गांधी के साथ संवाद में कहा कि सरकार को हर परिवार को टेम्प्रेरी राशन कार्ड जारी करना चाहिए और गरीब अमीर देखे बिना सब को मुफ्त राशन मुहैया कराना चाहिए।

TeamDigital