तेजस्वी ने पोस्टल बैलेट की गिनती को लेकर चुनाव आयोग की भूमिका पर उठाये सवाल

तेजस्वी ने पोस्टल बैलेट की गिनती को लेकर चुनाव आयोग की भूमिका पर उठाये सवाल

पटना ब्यूरो। बिहार चुनाव में महागठबंधन की हार को लेकर आज राष्ट्रीय जनता दल द्वारा बुलाई गई विधायक दल की बैठक में चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर भी सवाल उठे।

राष्ट्रीय जनता दल नेता तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता ने मतदान हमारे पक्ष में किया लेकिन चुनाव आयोग ने फैसला एनडीए के पक्ष में सुनाया।

तेजस्वी यादव ने 20 सीटों पर पोस्टल बैलेट पेपरों की पुनः गिनती कराये जाने की मांग करते हुए कहा कि मेरी सीट पर तीन बजे तक मतगणना प्रक्रिया पूरी हो गई थी, लेकिन नतीजों का सर्टिफिकेट आधी रात को दिया गया।

उन्होंने कहा, काउंटिंग से एक दिन पहले रात में एक गाड़ी निकली। इस गाड़ी में बैलेट पेपर ले जाया जा रहा था, जबकि चुनाव आयोग का नियम है कि पोस्टल बैलेट की गिनती पहले होती है, लेकिन इस बार पोस्टल बैलेट की गिनती को बाद में किया गया।

तेजस्वी यादव ने कहा कि एक सीट पर सौ-पचास नहीं बल्कि 900-900 पोस्टल वोट रद्द किये गए। जब महागठबंधन के उम्मीदवारों ने आरओ से लिखित में मांगा तो उन्होंने देने से इंकार कर दिया. इसलिए महागठबंधन की मांग है कि रिकाउंटिंग कराया जाये।

तेजस्वी ने यह भी कहा, ‘देश का युवा, किसान, मजदूर आक्रोश में हैं। इस चुनाव में एक तरफ वरिष्ठ नेताओं की टोली थी, जिसमें सीएम समेत कई लोग शामिल थे। लेकिन ये लोग मिलकर भी 31 साल के युवा को रोकने में सफल नहीं हो पाए। राजद को सबसे बड़ी पार्टी बनने से कोई रोक नहीं पाया।’

उन्होंने कहा, नीतीश जी राज्य में तीसरे नंबर पर आ गए, बिहार के लोगों ने जनादेश में बदलाव किया। नीतीश जी में थोड़ी सी भी नैतिकता है तो कुर्सी के लिए जोड़-तोड़ गुणा भाग नहीं करें। उन्हें सीएम की कुर्सी से उतर जाना चाहिए।

TeamDigital