एनपीआर के खिलाफ सुप्रीमकोर्ट में दायर याचिका पर मोदी सरकार को नोटिस

एनपीआर के खिलाफ सुप्रीमकोर्ट में दायर याचिका पर मोदी सरकार को नोटिस

नई दिल्ली। नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (एनपीआर) के खिलाफ दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीमकोर्ट ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को नोटिस जारी कर जबाव तलब किया है।

इसरार उल हक मोंडल द्वारा नागरिकता संशोधित कानून (सीएए) और एनपीआर के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए देश की सर्वोच्च अदालत ने इस मामले में केंद्र सरकार से पूरी जानकारी मांगी है।

गौरतलब है कि गृह मंत्रालय द्वारा 31 जुलाई 2019 को जारी की गई अधिसूचना के मुताबिक एनपीआर अप्रैल से शुरू होने वाला है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर नोटिस जारी कर चुका है। इन याचिकाओं पर 22 जनवरी को सुनवाई होगी।

दिसंबर 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्य‍क्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने भारत की जनगणना 2021 की प्रक्रिया शुरु करने और राष्ट्रीय जनसंख्या‍ रजिस्टर (एनपीआर) को शुरू करने को मंजूरी दी थी। देश की पूरी आबादी जनगणना प्रक्रिया के दायरे में आएगी, जबकि एनपीआर में असम को छोड़कर देश की बाकी आबादी को शामिल किया जाएगा।

वहीँ नागरिकता कानून (सीएए) को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी हैं। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, कर्नाटक, बिहार, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में नागरिकता कानून के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरने चल रहे हैं।

TeamDigital