म.प्र में अब मंत्रियों के विभाग को लेकर फंसा पेंच, दिल्ली में होगा फैसला
भोपाल ब्यूरो। मध्य प्रदेश में शिवराज सरकार द्वारा दो दिन पहले किये गए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अब विभागों के बंटवारे को लेकर पेंच फंस गया है। बताया जा रहा है कि विभागों के बंटवारे को लेकर दो दिन तक चली माथापच्ची के बाद मुख्यमंत्री शिवराज को मंत्रियों की सूची के साथ दिल्ली तलब किया गया है।
सूत्रों की माने तो मंत्रियों के विभागों का फैसला अब भोपाल में नहीं बल्कि दिल्ली में होगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान रविवार सुबह दिल्ली पहुंच रहे हैं और पार्टी हाईकमान के साथ मंत्रियों के विभागों को लेकर चर्चा करेंगे।
सूत्रों ने कहा कि शिवराज सिंह शनिवार शाम को दिल्ली के लिए रवाना होने वाले थे लेकिन एन वक़्त पर उनका कार्यक्रम बदला और अब वे रविवार सुबह दिल्ली जायेंगे। सूत्रों ने कहा कि कार्यक्रम टलने के पीछे दिल्ली के नेताओं की व्यस्तता बताया जा रहा है।
वहीँ दूसरी तरफ ऐसी खबर भी आ रही है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक पूर्व विधायकों को मंत्री बनाने के कारण बीजेपी के कद्दावरों को इग्नोर करना अब विवादित होता जा रहा है।
सिंधिया समर्थको को मंत्रीमंडल में जगह दिए जाने के कारण हाशिये पर गए बीजेपी के कद्दावर नेताओं ने मुख्यमंत्री शिवराज को इशारे में ये बता दिया है कि वे बहुत दिन खामोश नहीं बैठेंगे। इसलिए शिवराज अपने दिल्ली दौरे के दौरान इस मुद्दे पर भी पार्टी नेताओं को अवगत करा दें।
सूत्रों के मुताबिक सिंधिया समर्थक पूर्व विधायकों को मंत्री बनाये जाने के बाद उन्हें उपचुनाव में बीजेपी टिकिट मिलना भी तय हो गया है। ऐसे में 2018 के विधानसभा चुनाव में दूसरे नंबर पर रहे बीजेपी के वफादार नेताओं के सामने प्रतिष्ठा बचाने का सवाल पैदा हो गया है। बीजेपी नेतृत्व के समक्ष उपचुनाव को लेकर सबसे बड़ी दिक्क्त यही है कि वे सिंधिया समर्थक पूर्व विधायकों को गले लगाएं या बीजेपी के वफादारों को।
