टापू पर फंसे बछड़े को एसडीईआरएफ टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला

उज्जैन (विशाल जैन)। बाढ़ एवं आपदा के समय आम नागरिकों के लिये जीवन रक्षक की भूमिका निभाने वाली होमगार्ड मूक जानवरों के लिये भी देवदूत के रूप में काम कर रही है। मानसून-पूर्व बारिश के चलते त्रिवेणी शनि मन्दिर स्थित शिप्रा नदी में जल का स्तर बढ़ता जा रहा है। जल स्तर बढ़ जाने के कारण टापू पर विचरण कर रहे गोवंश के पांच बछड़े वहीं फंस गये।

मंगलवार 8 जून को तहसीलदार श्री अनिरूद्ध मिश्रा द्वारा होमगार्ड कार्यालय में स्थित ईओसी सेन्टर पर गोवंश के फंसे होने की सूचना दी गई। तहसीलदार द्वारा बताया गया कि आगामी दिनों में तेज बारिश की संभावना के चलते गोवंश लम्बे समय तक टापू पर फंसा रह सकता है, जिससे गोवंश के तेज बहाव में बहने की संभावना है।

सूचना पर होमगार्ड एवं एसडीईआरएफ की संयुक्त टीम तत्काल त्रिवेणी स्थित टापू पर रेस्क्यू के लिये तुरन्त रवाना हुई। भारी मशक्कत एवं प्रयासों के बाद गोवंश के चार बछड़े एवं एक बड़ी गाय को सुरक्षित टापू से बाहर निकाल कर छोड़ा गया।

इस रेस्क्यू ऑपरेशन में टीम का नेतृत्व एसडीईआरएफ प्लाटून कमांडर श्रीमती शीला चौधरी द्वारा किया गया। इस ऑपरेशन में होमगार्ड व एसडीईआरएफ टीम के सैनिक श्री पंकज मण्डलोई, श्री जितेन्द्र भदौरिया, श्री भेरूलाल सोलंकी, श्री सुनील मेवाड़ा, श्री राजेन्द्र राठौर आदि शामिल थे।

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