समाजवादी पार्टी ने शिवपाल के लिए दिखाया सकारात्मक रुख, फिर बनी एकता की उम्मीद

समाजवादी पार्टी ने शिवपाल के लिए दिखाया सकारात्मक रुख, फिर बनी एकता की उम्मीद

लखनऊ ब्यूरो। मुलायम सिंह यादव के कुनबे में एक वार फिर एकता के प्रयास किये जा रहे हैं। समाजवादी पार्टी ने शिवपाल सिंह यादव को अयोग्य घोषित करने वाले अपने आवेदन को दलबदल विरोधी कानून के तहत वापस ले लिया है।

विपक्ष और वरिष्ठ सपा नेता रामगोविंद चौधरी ने गुरुवार को बताया कि उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित को एक पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने शिवपाल सिंह यादव को अयोग्य घोषित करने वाले आवेदन को वापस ले लिया है।

जब राम गोविंद चौधरी से पूछा गया कि क्या शिवपाल यादव भविष्य में समाजवादी पार्टी में वापस लौट सकते हैं तो इस पर उन्होंने कहा राजनीति में कुछ भी संभव है। पिछले साल सितंबर में समाजवादी पार्टी ने शिवपाल यादव को राज्य विधानसभा से दल बदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य घोषित करने की मांग की थी।

गौरतलब कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार रहते हुए सपा अध्यक्ष और तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और शिवपाल सिंह यादव के बीच पैदा हुई तकरार के बाद शिवपाल सिंह यादव ने अपनी अलग पार्टी विकासशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) बना ली थी।

लोकसभा चुनाव में शिवपाल सिंह ने सपा नेता रामगोपाल यादव के बेटे अक्षय यादव के खिलाफ फ़िरोज़ाबाद से चुनाव लड़कर खुली चुनौती दी थी। नतीजतन फ़िरोज़ाबाद में समाजवादी पार्टी को अपनी सीट गंवानी पड़ी।

हालाँकि बीच में कई अवसर ऐसे आये जब यादव परिवार के लोग एक साथ बैठे लेकिन मुलायम खानदान में एका होने के संकेत नहीं मिले। अब समाजवादी पार्टी ने एकबार फिर सकारात्मक रुख दिखाते हुए शिवपाल सिंह यादव को अयोग्य घोषित करने की अपनी अर्जी वापस ले ली है। देखा है कि इसका भविष्य की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा।

TeamDigital