सफूरा ज़रगर को दिल्ली हाईकोर्ट से मिली सशर्त ज़मानत

सफूरा ज़रगर को दिल्ली हाईकोर्ट से मिली सशर्त ज़मानत

नई दिल्ली। नागरिकता कानून और एनआरसी के के खिलाफ विरोध में प्रदर्शन में जामिया कोर्डिनेशन कमेटी की सदस्य रही सफुरा ज़रगर को दिल्ली हाईकोर्ट से सशर्त ज़मानत मिल गई है। दिल्ली में भड़की हिंसा को लेकर सफूरा ज़रगर पर यूएपीए के तहत कार्रवाई की गई थी।

दिल्ली हाईकोर्ट में ज़मानत अर्ज़ी पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की तरफ से मानवीय आधार पर ज़मानत दिए जाने का विरोध नहीं किया गया। केंद्र की दलील सुनने के बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने 10 हजार रुपये के निजी मुचलके और कुछ अन्य शर्तों के व्यक्तिगत बांड पर सफुरा जरगर को जमानत दे दी है।

अदालत ने सफूरा ज़रगर को ज़मानत देते हुए निर्देशित किया कि वह ज़मानत के बाद किसी भी तरह के ऐसे विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा नहीं लेगी जिससे उसके खिलाफ चल रही जांच प्रभावित हो और न ही वह कोर्ट से अनुमति लिए बिना दिल्ली से बाहर जाएंगी।

इससे पहले दिल्ली पुलिस ने सफुरा की जमानत अर्जी का विरोध किया था। सोमवार को हाई कोर्ट में पुलिस की तरफ से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल अमन लेखी ने स्टेटस रिपोर्ट दायर की है।

दिल्ली हाई कोर्ट में दाखिल जवाब में दिल्ली पुलिस ने कहा है कि सिर्फ गर्भवती होने की वजह से सफूरा ज़मानत की हक़दार नहीं हो सकतीं। वहीँ आज केंद्र सरकार की पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि हमें मानवीयता के आधार पर जमानत देने पर आपत्ति नहीं है।

TeamDigital