राजद का चुनावघोषणापत्र जारी, दस लाख रोज़गार सहित कई बड़े वादे
पटना ब्यूरो। बिहार विधानसभा चुनाव के लिए राष्ट्रीय जनता दल ने आज अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी कर दिया है। मुख्यमंत्री पद के दावेदार और राजद नेता तेजस्वी यादव ने पार्टी का घोषणा पत्र जारी किया। इस अवसर पर पार्टी के राज्य सभा सांसद मनोज झा सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।
बीजेपी के घोषणा पत्र में रोज़गार के वादे को लेकर तेजस्वी यादव ने कहा कि “भाजपा वाले बताएं कि उनका मुख्यमंत्री का चेहरा कौन है, नीतीश कुमार हैं? नीतीश कुमार ने तो 10 लाख नौकरियों पर ही हाथ खड़े कर दिए थे कि कहां से देंगे। तो बीजेपी कहां से देगी, नेतृत्व तो नीतीश कुमार कर रहे हैं, तो ये बेवकूफ किसे बना रहे हैं।”
तेजस्वी यादव ने कहा ये हमारा मेनिफेस्टो नहीं, हमारा प्रण है। हम बिहार को खुशहाल, बेहतर और समृद्ध बनाएंगे। उन्होंने कहा कि घोषणा पत्र में राबड़ी देवी और लालू प्रसाद यादव के विचारो को भी सम्मिलित किया गया है।
घोषणा पत्र की अहम बातें:
नए स्थायी पदों का सृजन कर के कुल 10 लाख नौकरियों की समय बाद बहाली की प्रक्रिया पहले ही कैबिनेट बैठक में पहली दस्तखत के साथ शुरू होगी।
संविदा प्रथा को समाप्त कर सभी कर्मचारियों को स्थायी कर समान काम समान वेतन दिया जाएगा और सभी विभागों में निजीकरण को समाप्त किया जाएगा।
रोजगार सृजन के उद्योगों को प्रोत्साहन हेतु नई औद्योगिक पॉलिसी के तहत प्रभावी टैक्स डिफरेंट एवं टैक्स वेइवर स्कीम लाई जाएगी, जिसमें नए उद्योगों की स्थापना के अंतर्गत किए गए निवेश निवेशकों में सब्सिडी एवं अधिक रोपित करों में एक निश्चित अवधि तक छूट दी जाएगी।
नियोजित शिक्षकों को वेतनमान कार्यपालक सहायकों, लाइब्रेरियन, उर्दू शिक्षकों की बहाली की जाएगी राज्य के मूल निवासी युवाओं के भी सरकारी बहाली परीक्षाओं में फॉर्म निशुल्क होंगे तथा राज्य में के अंतर्गत गृह जिला से परीक्षा केंद्र तक की यात्रा मुक्त होगी।
कार्यालय सहायक, सांख्यिकी स्वयं सेवक, लाइब्रेरियन ,उर्दू शिक्षकों, आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिका, आशा कर्मी, ग्रामीण चिकित्सकों, जीविका दीदियों की मांगों को पूरा किया जाएगा।
हेल्थ केयर सेक्टर में निजी एवं असंगठित क्षेत्रों के माध्यम से प्रत्यक्ष नौकरियों व परोक्ष रोजगार के लाखों अवसर सृजित किए जाएंगे।
जीविका कैडरों को नियमित वेतनमान पर स्थाई नौकरी के साथ समूहों के सदस्यों को ब्याज मुक्त ऋण।
कॉरपोरेट जगत के तकनीकी प्रशिक्षकों की देखरेख में सरकारी निर्देशानुसार कौशल विकास केंद्रों की स्थापना होगी जहां परंपरागत कौशल के साथ-साथ उद्योग जगत के प्रश्न कौशल सॉफ्ट स्किल्स का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
हर जिले में रोजगार केंद्रों की स्थापना होगी अधिकतम 200 दिनों में कौशल योग्यता अनुरूप निजी व सरकारी उपक्रम में रोजगार देने अथवा रोजगार के विकल्प उपलब्ध करवाने की जिम्मेदारी होगी।
रोजगार प्रक्रिया में गैर-सरकारी बिचौलियों एजेंसियों को हटाकर सीधा युवाओं को लाभ दिया जाएगा।
श्रमिकों के हित में सरकारी विभागों उपक्रमों को निजी हाथों में जाने से रोकने का प्रावधान किया जाएगा।
बिहार में किसान आयोग, व्यवसायी आयोग, युवा आयोग और खेल आयोग का गठन किया जाएगा।
प्रसव सहयोग 1400 रुपये से बढ़ाकर 4000 रुपये किया जाएगा और आंगनबाड़ी और आशा दीदियों का मानदेय दोगुना किया जाएगा।
