लखीमपुर खीरी केस: आशीष मिश्रा गिरफ्तार, पुलिस जांच में नहीं कर रहा था सहयोग

लखनऊ ब्यूरो। लखमीपुर खीरी हिंसा मामले में शनिवार को पूछताछ के लिए पुलिस के समक्ष हाज़िर हुए केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा को लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है।

पुलिस के मुताबिक, आशीष मिश्रा जांच में पुलिस को सहयोग नहीं कर रहा था। आशीष मिश्रा की गिरफ़्तारी पर लखीमपुर खीरी मामले में पर्यवेक्षण समिति के अध्यक्ष DIG उपेंद्र अग्रवाल ने मीडिया को बताया कि लंबी पूछताछ के बाद हमने पाया कि वे(आशीष मिश्रा) सहयोग नहीं कर रहे, विवेचना में कई बातें बताना नहीं चाहते। इसलिए हम उन्हें गिरफ़्तार कर रहे हैं, उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।

इससे पहले लखीमपुर खीरी हिंसा में मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा शनिवार सुबह क्राइम ब्रांच के समक्ष पूछताछ के लिए पेश हुआ। करीब 12 घंटे लंबी पूछताछ के बावजूद उसने पुलिस को कई सवालो के सही जबाव नहीं दिए।

सूत्रों के मुताबिक, आशीष मिश्रा के जवाबो में असमानता पाए जाने और बार बार जबाव बदलने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आशीष मिश्रा उर्फ मोनू को हत्या, दुर्घटना में मौत,आपराधिक साजिश,लापरवाही से वाहन चलाने की धाराओं में गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद आशीष को मजिस्ट्रट के समक्ष पेश किया जाएगा।

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वहीँ बेटे आशीष मिश्रा की गिरफ्तारी के बाद अब केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टैनी पर इस्तीफे का दबाव बढ़ गया है। अजय मिश्रा लगातार अपने बेटे के बचाव में बयान दे रहे हैं और वे घटना के बाद से अपने बेटे आशीष मिश्रा के निर्दोष होने के दावे करते आ रहे हैं।

गौरतलब है कि 3 अक्टूबर को लखीमपुर खीरी में हुई घटना में 8 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना में 4 किसानो की मौत कथित तौर पर जीप से रौंदे जाने की वजह से हुई। इस मामले में दर्ज की गई एफआईआर के अनुसार आशीष उस कार में बैठा था, जिसने किसानों को कुचला था। इसी के साथ आशीष के ऊपर गोलियां चलाने का भी आरोप है। जानकारी के अनुसार बहराइच जिले के जगजीत सिंह की शिकायत पर एफआईआऱ दर्ज की गई है।

एफआईआऱ में कहा गया है कि हिंसा प्री प्लांड थी. इसके लिए मंत्री और उनके बेटे ने साजिश रची। आरोप है कि केंद्रीय गृह राज्यमंत्री की ओर से भड़काऊ बयानबाजी की गई. इससे हिंसा भड़की और 8 लोगों की जान गई।

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